वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ,
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।।
अर्थात- घुमावदार सूंढ, विशाल शरीर, और करोड़ों सूर्य के समान प्रभावशाली मेरे प्रभु है. हे मेरे प्रभु! मेरे सारे कार्य बिना रुकावट के पूर्ण करें।
किसी भी कार्य को करने के लिए उसकी विधि का सही होना जरूरी है तभी उस कार्य की पूर्णता मिलने वाली रहती है। ऐसे ही किसी भी मंत्र के जाप को करने से पहले उसकी उचित विधि होती है, जिसके अनुरूप जाप करने से उसका पूर्ण लाभ मिलने वाला रहता है, अन्यथा मंत्र जाप का कोई फायदा नहीं होता।
आसन- मंत्र जाप के लिए कुश के आसन का प्रयोग श्रेष्ठ होता है। यदि कुश के आसन की व्यवस्था ना हो तो लाल कपड़े से बने आसन का उपयोग किया जा सकता है। आसन साफ और शुद्ध होना चाहिए।
माला- लाल चंदन की माला का उपयोग श्रेष्ठ होता है। विद्वान, पंडित, और जानकर लोग यही सलाह देते हैं कि गणेश मंत्र के जाप के लिए इस माला का उपयोग करें। यदि लाल चंदन की माला की व्यवस्था नहीं हो पा रही हो तो रुद्राक्ष की माला का उपयोग किया जा सकता है।
दिशा- इस मंत्र का जाप पूर्व दिशा की ओर मुख करके करना चाहिए। यदि पूर्व दिशा की ओर व्यवस्था ना बन पा रही हो तो उत्तर दिशा की ओर मुख करके मंत्र जाप करें।
चित्र या मूर्ति- मंत्र जाप के समय गणेश जी की मूर्ति या चित्र सामने जरूर रखें। मन में गणेश जी का ध्यान लगाते हुए मंत्र का जाप करें।
समय- वैसे तो गणेश मंत्र का जाप किसी भी समय किया जा सकता है। अपनी सुविधानुसार लोग इस मंत्र का जाप करते हैं पर प्रात: काल का समय मंत्र के जाप के लिए अच्छा माना जाता है।
गणेश मंत्र के लाभ- सर्वप्रथम गणेश जी की पूजा किए बिना कोई भी पूजा संपन्न नहीं होती। गणेश जी को यह वरदान भगवान शिव ने दिया था। गणेश मंत्र के जाप के कई लाभ होते है।
-मन शांत रहता है।
-एकाग्रता बनी रहती है।
-भौतिक लाभ प्राप्त होते है।
-बिगड़े काम बन जाते है।
-रिश्तों में सुधार होता है।
-शरीर निरोग रहता है।
गणेश जी के अन्य मंत्र भी हैं जिनका जाप करने से बहुत सारे लाभ प्राप्त होते हैं विशेषकर-
ऊँ गं गणपतये नम: यह गणेश जी मूल मंत्र है। यह चमत्कारिक मंत्र आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करता है।
ऊँ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरू गणेश।
ग्लौम गणपति, ऋद्धि पति, सिद्धि पति करों दूर क्लेश।।
यह गणेश जी का गुप्त मंत्र है। इसका जाप करने या सुनने मात्र से ही सारे कष्टों से छुटकारा मिल जाता है। भौतिक लाभ पाने के लिए भी इस मंत्र का जाप किया जा सकता है।

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