गणपति की पूजा के बाद करें आरती || Vaibhav Vyas


 गणपति की पूजा के बाद करें आरती

हिंदू धर्म में गौरी पुत्र भगवान श्री गणेश को सभी देवों में प्रथम पूजनीय माना गया है। इसलिए किसी भी मांगलिक और शुभ कार्य की शुरुआत से पहले गणेश जी की पूजा-अर्चना की जाती है। भगवान गणेश की भक्ति और पूजा करने से इंसान को सभी सुखों की प्राप्ति होती है। सुखकर्ता, दुखहर्ता भगवान श्री गणेश सभी कष्टों और परेशानियों को दूर करने वाले देव हैं। मान्यता है कि जहां भगवान गणेश का वास होता है, वहां पर रिद्धि, सिद्धि, शुभ और लाभ का वास भी होता है। धर्म शास्त्रों के अनुसार, भगवान गणेश का पूजन करने से सभी विघ्न और बाधाएं समाप्त हो जाती हैं। हिंदू धर्म में भगवान श्री गणेश की पूजा आराधना के लिए बुधवार का दिन तय किया गया है। और इस बार गणेशोत्सव की शुरुआत बुधवार के दिन से ही हो रही है। इसी वजह से इस दिन से घर-घर विराजेंगे गणपति की यदि पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान गणेश जी की पूजा की जाए तो जीवन की परेशानियों और समस्याओं का अंत हो जाता है। घर पर गणेश जी की स्थापना के बाद भगवान गणेश की पूजा के बाद सुबह और शाम के समय आरती जरूर करनी चाहिए।

भगवान गणेश जी की आरती

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।

एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी ।

माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी।।

जय गणेश जय गणेश....

पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।

लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा।।

जय गणेश जय गणेश....

अंधन को आंख देत, कोढिऩ को काया।

बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया।।

जय गणेश जय गणेश.....

सूर श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।

कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी।।

जय गणेश जय गणेश....

Comments