अक्षय तृतीया का दिन अबूझ संज्ञक मुहूर्त || Vaibhav Vyas


 अक्षय तृतीया का दिन अबूझ संज्ञक मुहूर्त

'अक्षय तृतीयाÓ को मानव कल्याण तिथि भी माना गया है। त्रेता युग के आरम्भ का दिन, आज के दिन भागीरथ की तपस्या से प्रसन्न होकर गंगा मैया धरती पर अवतरित होने के लिए सहमत हुई थी। भगवान भोलेनाथ ने देवी अन्नपूर्णा से अन्न मांगा था इसलिए आज के दिन देवी अन्नपूर्णा की पूजा-अर्चना कर अन्न-धन के भंडार भरे रहने का वरदान मांगा जाता है। महाभारत लिखने की शुरुआत आज के दिन से की थी। धर्मराज युधिष्ठिर को 'अक्षय पात्रÓ आज के दिन मिला था। आज के दिन मन, वचन और वाणी से किया कार्य, जल, जलपात्र एवं अन्नदान अक्षय रहता है।

उपरोक्त सभी कारण से 'अक्षय तृतीयाÓ अबूझ संज्ञक मुहूर्त माना गया है। शुभ एवं मांगलिक कार्य के साथ अन्य सभी कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त रहेगा।

हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है। इस दिन अबूझ मुहूर्त होने के कारण बेहद शुभ मानते हैं। हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का पावन पर्व मनाया जाता है। इस साल 03 मई 2022, मंगलवार को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाएगा। इस पावन दिन स्नान- दान, धर्म- कर्म का बहुत अधिक महत्व होता है। अक्षय तृतीया के दिन मां लक्ष्मी और विष्णु भगवान की पूजा का विशेष महत्व है। अक्षय तृतीया के दिन विधि- विधान से माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा- अर्चना करनी चाहिए। मान्यता है कि इस दिन कुछ उपायों को करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

अक्षय तृतीया के शुभ दिन घर में साफ- सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस दिन घर की अच्छी तरह सफाई करें। मान्यता है कि इस दिन घर में गंगा जल का छिड़काव कर लें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां लक्ष्मी का वास उसी घर में होता है जहां साफ- सफाई का ध्यान रखा जाता है। कहते हैं कि अक्षय तृतीया के दिन किसी भी तरह का क्लेश या लड़ाई- झगड़ा न होने दें। जिस घर में अशांति रहती है वहां मां लक्ष्मी का वास नहीं होता है। जिस घर का वातावरण अच्छा होता है, जहां परिवार के सदस्य प्यार से रहते हैं वहां मां लक्ष्मी का वास होता है।

अक्षय तृतीया के दिन सात्विक भोजन करना चाहिए। इस दिन भोजन करने से पहले भगवान को भोग जरूर लगाएं। अक्षय तृतीया के शुभ दिन तामसिक भोजन और मांस- मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। अपने ईष्टदेव की अराधना करनी चाहिए। इस दिन जरूरतमंद व गरीबों की मदद करें। इस दिन सामथ्र्य अनुसार दान- पुण्य करना चाहिए।

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