अमावस्या के दिन नदियों में स्नान-तर्पण से मिलता पितरों का आशीर्वाद
फाल्गुन अमावस्या पर इस बार बन रहे विशेष संयोगों के चलते इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है। जीवन में सुख-शांति के लिए फाल्गुन अमावस्या का व्रत इस बार विशेष माना जा रहा है। इस बार फाल्गुन अमावस्या पर शिव और सिद्ध योग का खास संयोग बन रहा है। इन दोनों खास योगों में किए गए व्रत और पूजा का जातकों को दोगुना फल प्राप्त होता है। साथ ही इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण व श्राद्ध भी किया जाता है, जिससे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होने वाला रहता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और दान देने की भी परंपरा है। फाल्गुन अमावस्या का महत्व धार्मिक मान्यता के अनुसार फाल्गुन अमावस्या पर पवित्र नदियों में देवी-देवताओं का निवास होता है, इसलिए इस दिन गंगा, यमुना और सरस्वती में स्नान का विशेष महत्व माना गया है। फाल्गुन अमावस्या के दिन विशेष संयोगों में स्नान-तर्पण करना अनंत फलदायी माना जाता है। अमावस्या के दिन भगवान शिव शंकर और भगवान श्री कृष्ण की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने का विधान है।
फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि का प्रारंभ 02 मार्च को भोर से पहले रात 01 बजकर 3 मिनट से समापन 02 मार्च को रात 11 बजकर 04 मिनट पर होगा। उदयातिथि के आधार पर फाल्गुन अमावस्या 02 मार्च को है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान के पश्चात सूर्य देव को अघ्र्य देना और पूजा करने का भी विशेष महत्व होता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार फाल्गुन अमावस्या के दिन कुछ उपाय किए जाएं तो इससे नकारात्मकता से छुटकारा मिलने वाला रहता है। अमावस्या की रात को फिटकरी का टोटका अपनाने से धन संबंधित दिक्कतें दूर हो जाती हैं। इसके लिए रात को दाहिने हाथ में फिटकरी का एक टुकड़ा लें। अब इसे लेकर घर के सारे कमरों में घूमें। अब आखिर में इसे एक काले कपड़े में बांधकर अपने मेन गेट के दरवाजे पर टांग दें। इससे नकारात्मकता दूर हो जाएगी। फाल्गुन अमावस्या के दिन किसी पवित्र नदी में डुबकी लगाने और काले तिल का दान करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलने वाली होती है। साथ ही पितरों को प्रसन्न करने के लिए फाल्गुन अमावस्या के दिन गाय के गोबर से बने उपले (कंडे) पर शुद्ध घी व गुड़ मिलाकर धूप (सुलगते हुए कंडे पर रखना) दिखाएं। इससे पितरों की कृपा प्राप्त होने वाली रहती है।
मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए अमावस्या की शाम को घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक लगाएं। बत्ती में रुई के स्थान पर लाल रंग के धागे का उपयोग करें। संभव हो तो इसमें थोड़ा केसर भी डालें। इससे घर में सम्पन्नता आती है। अगर आप अपनी किसी इच्छा की पूर्ति चाहते हैं तो फाल्गुन अमावस्या के दिन गणेश जी के दर्शन करें। इस दिन गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करना शुभ माना जाता है। पतरों की आत्मा की शांति के लिए फाल्गुन अमावस्या के दिन घर में शुद्ध शाकाहारी भोजन बनाकर पितरों के लिए इसका एक हिस्सा निकालें। अब अपने दाहिने अंगूठे के जरिए उन्हें जल अर्पण करें। ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं। जीवन में आ रही परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए अमावस्या के दिन मछलियों को आटे की गोलियां खिलाने से लाभ होगा।
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