मां दुर्गा की पूजा से मनोकामनाएं पूर्ण || Vaibhav Vyas


 मां दुर्गा की पूजा से मनोकामनाएं पूर्ण

हिन्दू धर्म में मां दुर्गा की पूजा-उपासना का विशेष महत्व है। उन्हें अन्य देवताओं से भी ऊपर माना गया है। कहते हैं कि देवी 'आदिशक्तिÓ हैं, उन्हीं से ही इस संसार की रचना हुई है। इस संसार को बनाने वाली आदिशक्ति ही हैं। इसलिए हिन्दू धर्म में किसी भी अन्य देवता की तुलना में शक्ति के रूप की पूजा करना अति फलदायी माना गया है। आदिशक्ति के कई रूप हैं, इन्हीं में से एक मां दुर्गा के रूप में है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार सच्चे मन से यदि विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा की जाए, तो वह भक्त की मनोकामना अवश्य पूर्ण करती हैं।

मां दुर्गा की पूजा के नियम कठिन अवश्य हैं, लेकिन जो भी भक्त उन्हें पूर्ण निष्ठा से कर लेता है उसकी मुराद अवश्य पूरी होती है। मां दुर्गा अपने भक्तों की शत्रुओं एवं बुरी ताकतों से भी रक्षा करती हैं। मां दुर्गा को हिन्दू धर्म के अनुसार 'दुर्गतिनाशिनीÓ भी कहा जाता है, आर्थात् वह देवी जो जीवन से दुर्गति का नाश करती है। भक्त के जीवन के हर संकट को खत्म कर देती है। दुर्गा पूजन एवं उन्हें प्रसन्न करने से भक्त को अनगिनत लाभ होते हैं।

शास्त्रों के अनुसार चाहे पृथ्वी लोक हो या कोई भी अन्य लोक, हर पापी मां दुर्गा के नाम से डरता है। इसलिए यदि भक्त सच्चे मन से केवल देवी का नाम भी ले, यानि कि उनके नाम का जाप करे तो उसके कई संकट दूर हो जाते हैं। यदि जीवन में कोई परेशानी चल रही हो, तो मां दुर्गा के किसी भी मंत्र की एक माला जाप करें। आप किसी ज्योतिषी या विशेषज्ञ से मां दुर्गा के मंत्र के बारे में जान सकते हैं, अन्यथा दुर्गा बीज मंत्र का जाप करें। दुर्गा बीज मंत्र- ऊँ ह्रीं दुं दुर्गायै नम:। इस मंत्र का रोजाना एक माला यानि 108 बार जाप करना फलदायी सिद्ध होता है। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार दुर्गा मंत्र रात्रि के समय अधिक असर दिखाते हैं, इसलिए संभव हो तो रात्रि में ही दुर्गा साधना करें। मां दुर्गा का जाप करते समय उन्हें 'जपापुष्पÓ का फूल अर्पित करें। ऐसा करने से देवी प्रसन्न होती हैं।

मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए चंडी पाठ या फिर दुर्गा सप्तशती पाठ का बेहद महत्व बताया जाता है। यह दोनों ही पाठ यदि कोई नियमानुसार पढ़ ले तो उस पर मां दुर्गा की अपार कृपा होती है। हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार प्रत्येक स्त्री 'देवीÓ का ही रूप होती है, इसलिए यदि स्त्रियों का सम्मान किया जाए तो इससे दुर्गा प्रसन्न होती हैं। घर की स्त्रियों और कन्याओं को मान-सम्मान देने से देवी उस घर पर सुख समृद्धि बनाए रखती हैं। गरीब और जरूरतमंद बच्चियों को खुश किया जाए, उन्हें भोजन-कपड़े इत्यादि दान किए जाएं तो ऐसा करने से देवी प्रसन्न होती हैं। गरीबों बच्चों के अलावा भूखे-प्यासे जानवरों की मदद करने से भी मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं। किसी जानवर या पक्षी, किसी की भी सेवा करने से देवी आप पर अपार कृपा करेंगीं।

मां दुर्गा का एक ऐसा भक्त जो छल, कपट, लोभ से दूर है, देवी उसके ऊपर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखती हैं। मासिक दुर्गाष्टमी या फिर नवरात्रि का उपवास करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं। इस व्रत को करने की विधि एवं नियम भी कठिन नहीं होते। यदि सच्चे मन से किया जाए तो व्रत सफल होता है और देवी प्रसन्न होकर मनोकामना पूर्ण करती हैं।

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