माघ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से गुप्त नवरात्रि की शुरुआत हो जाती है। माघ महीने में धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व रहता है इसी वजह से इस महीने में गुप्त नवरात्रि का महत्व और भी बढ़ जाता है और मां दुर्गा की उपासना शीघ्र फलदायी हो जाती है। पुराणों में एक वर्ष में चैत्र, आषाढ़, अश्विन और माघ के महीनों में कुल मिलाकर चार बार नवरात्रों का जिक्र किया गया है, लेकिन चैत्र और अश्विन महीने के नवरात्रों को ही प्रमुखता से मनाया जाता है।
गुप्त नवरात्रि के मौके पर कुछ खास उपाय करने पर मां दुर्गा की कृपा पाने के साथ अपने हर कार्य को सिद्ध कर सकते हैं। व्यापार में खूब तरक्की के साथ ही अच्छा स्वास्थ्य भी पाना चाहते हैं तो गौ माता का विधिवत पूजन करें। साथ ही गौशाला में गायों के निमित्त कुछ दान-पुण्य करें और मां दुर्गा के इस मंत्र का 11 बार जप करें। मंत्र है-
देहि सौभाग्यम् अरोग्यं देहि मे परमं सुखम्।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषों जहि।।
घर-परिवार और नौकरी-व्यापार में संबंधों की प्रगाढ़ता को बनाये रखने के लिए स्नान आदि से निवृत्त होकर सबसे पहले श्री गणेश भगवान के चरणों को छूकर प्रणाम करें और वहीं भगवान के सामने आसन बिछाकर बैठ जाएं। फिर भगवान गणेश के इस मंत्र का 21 बार जप करें। मंत्र इस प्रकार है- श्री गणेशाय नम:।
शिक्षा संबंधी किसी तरह की तकलीफें सता रही है तो एक कच्चा नारियल लेे और उसके ऊपर एक लाल रंग का कपड़ा या चुनरी लपेट दें। मन ही मन भगवान से अपनी इच्छा व्यक्त करते हुए उस नारियल को भगवान गणेश के चरणों में चढ़ा दीजिए। घर-परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ाना चाहते हैं, तो स्नान आदि के बाद गाय माता का श्रृंगार करें, उन्हें रोली का तिलक लगाएं, चुनरी चढ़ाएं, उनके चरणों में फूल चढ़ाएं और उबले हुए चने का प्रसाद खिलाएं। साथ ही कपूर से गऊ माता की आरती करें। इसके बाद दुर्गा मां के इस मंत्र का 5 बार जप करें। मंत्र है-
सर्व बाधा विनिर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वित:।
मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशय:॥
सभी कार्यों को बिना किसी बाधा के सफल बनाना चाहते हैं, तो गाय के उपले पर कपूर का टुकड़ा रखकर पूरे घर में धूप दिखाएं और धूप दिखाने के बाद उपले को घर की दक्षिण दिशा में रख दें। संतान सुख के लिए स्नान करने के बाद एक जटा वाला नारियल और सवा मीटर लाल कपड़ा लें। उस लाल कपड़े को नारियल के ऊपर लपेटकर, 21 बार कलावे से बांध दें। अब नारियल को अपने ऊपर से 7 बार वार कर घर में पूजा वाले स्थान पर रख दें और संभव हो तो सुंदरकांड का पाठ करें। फिर भगवान से प्रार्थना करते हुए मन्दिर में रखे नारियल को लेकर बहते जल में प्रवाहित कर दें।
दाम्पत्य संबंधों की खुशहाली में कोई अड़चने आ रही हो तो उससे अपना पीछा छुड़ाने के लिये एक मु_ी मसूर की दाल ले और उसे अपने जीवनसाथी के हाथों से सात बार स्पर्श कराना चाहिए। स्पर्श कराने के बाद उस मसूर की दाल को किसी साफ बहते जल में प्रवाहित कर दें।
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