जिस व्यक्ति-विशेष में इरादे अपने लक्ष्य के लिए बने रहते हैं उसको फिर से एक बार आंकलन करने की यहां आवश्यकता रहती है। किस हिसाब से खुद के पेन्स को एक्सीक्यूट किया और नए महीने क्या उमंग और किस उत्साह के साथ में हम चलने की शुरुआत करेंगे। यह सारी ही गणनाएं यहां प्रमुखता से व्यक्ति विशेष के साथ में जुड़ी रहती है तो हम अपने लक्ष्य को फिर से पुनर्स्थापित करें। नए महीने की जब शुरुआत करने वाले हों तो एक बार यह प्रयास करें कि इस माह की गलतियां फिर से हम नहीं दोहराएंगे। कितना सचेत होकर चल सकते हैं, कितनी ऊर्जा के साथ में चल सकते हैं, कितने लोगों को साथ में जोड़ा जा सकता है। तो वहीं पर स्वयं के भीतर की जो साहस की स्थितियां हैं उसको कितने अच्छे से और उजागर किया जा सकता है।
कम्फर्ट जोन छोड़कर जब व्यक्ति अपने कार्य की ओर लगता है तो वहां संघर्ष तो रहते हैं, किन्तु सफलता भी वहीं से निकलकर आती है। एक व्यक्ति जिसके सामने कई बार जीवन में जॉब चेंज के, बिजनस में एडोन के ऑप्शन्स आए किन्तु उसको लगा कि मैं यहीं ठीक हूं। किसी भी परिवर्तन की आवश्यकता ही नहीं है किन्तु एक समय के बाद में धीरे-धीरे यह लगने लगता है कि अगर उस समय मैं कम्फर्ट जोन में नहीं रहता, अपने इरादों को बदलता तो आज शायद कहीं और पहुंच चुका होता तो ऐसी कोई भी पश्चाताप की स्थितियां जीवन में नहीं रहे। एक बार फिर से हम अपने कम्फर्ट जोन को छोड़ें। आठ घंटे कार्य करने की क्षमताएं हैं तो उसको नौ घंटे की ओर लेकर जाएं। नौ घंटे की क्षमताएं है तो उसको और कितना बेहतर तरीके से हम यूटिलाइज करने की ओर जा सकते हैं यह सारे ही प्रयास यहां स्थापित करने चाहिए।
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