मेष : वर्ष 2021 का राशिफल
नव वर्ष की हृदय से अनंत शुभकामनाएं
नव वर्ष में किस उत्साह, किस आशा और किन उम्मीदों के साथ स्थितियां वर्षभर हमारे साथ रहने वाली होगी, इसको ग्रहों की स्थितियों के साथ एक आंकलन के साथ निक्षेपित करते हुए वर्ष 2021 में मेष राशि के जातकों के लिए क्या-क्या परिवर्तन, किस-किस क्षेत्र में ला रहा है तथा वर्ष पर्यन्त ग्रह गोचरीय व्यवस्थाओं के आधार पर चलने वाली स्थितियों का बारह ही भावों के साथ विश्लेषण क्या कहता है, इसकी समग्र चर्चा से विवेचन दिया जा रहा है, जिसे समझकर जातक उसी अनुरूप अपने प्रयासों की सार्थक हदों को प्राप्त कर सके।
प्रथम भाव- यहां जब रोचक योग बन रहा हो तो नौकरी पेशा जीवन से व्यापारिक जीवन में शिफ्टिंग को मन के भीतर सोच को लेकर चल रहे थे, ये वर्ष आपके लिए सफलता के आयाम लेकर आ सकता है। 2010-12 वर्ष से योजना बनाई थी कि 2021 में व्यापार की शुरुआत में संलग्न होंगे। ऐसे निर्णय की ओर जा सकते हैं और सफलता भी मिलने वाली रहेगी। आत्मविश्वास के सिरे शुरुआती स्तर पर बहुत अच्छे से बने हुए हैं। नौकरी पेशा जीवन में ही रहना चाहते हैं, परिवर्तन चाहते हैं विशेषकर तकनीक या अनुशासन के कामकाज के साथ में ये समय बेनिफिट देने वाला होगा। मेडिको फील्ड में भी ये समय रिक्गनेजिसन, खुद के काम के साथ लोगों को जोडऩा जो समूह की ताकत के रूप में उभरते हैं, ये भी महत्वपूर्ण मायना लेकर आ रहा है। मंगल की पोजीशन शुरुआती 4 महीनों के लिए सपोर्टिव होगी इसी वजह से अपनी ऊर्जा के साथ में अनुशासन को शुमार करके भाग्य के साथ में जोखिम को जोड़कर जहां भी बढऩा चाहेंगे, मंगल जो ग्रहों में सेनापति है, आपके लिए मेष, वृषभ और मिथुन राशि स्थान तक निरन्तर गति को बढ़ाते चले जाएंगे। शुरुआती जनवरी और फरवरी का महीना यहां भूमि संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय को टालकर चलियेगा।
द्वितीय भाव- इसमें राहू है। यहां व्यक्ति के लिए कोई भी अटका हुआ रुपया-पैसा है, जो फाइनेंसियल गेन की तरफ नहीं आ पा रहा है, रफ्तार को सामने नहीं रख पा रहा है। वर्ष 2021 में राहू की पोजीशन रिश्ते खराब जरूर करवाती है, लेकिन रूपये-पैसे अटकने नहीं देती। देव गुरु वृहस्पति की दृष्टि कारक भाव पर रहने वाली होगी, शुक्र के राशि स्थान पर रहने वाली होगी, जहां आपने तल्खियों के साथ बोला, संबंध बिगड़े, दूसरे ही क्षण वृहस्पति अपने प्रभाव शुरू करते हैं, जिससे आप संबंध को जोडऩे की ओर भी चले जाते हैं। व्यापार में व्यवहार संगठित तौर पर चलता हुआ सफलता देता है। यही आयाम राहू के साथ रहने वाला है। वाणी संबंधित कामकाज में 5 अप्रैल से लेकर 14 सितम्बर, 2021 तक का समय प्रत्येक शब्द में स्पष्टता बनी रहे। प्रत्येक वाक्य में यह ध्यान रखें किसी भी व्यक्ति को नाराज करने वाले नहीं हो। किन्तु ऐसी स्थितियां सामने आती है, तो हमको शिव उपासना और आराधना के साथ जाना होगा। केमिकल संबंधी कामकाज में धनागमन बनता रहेगा। वाणी के साथ कामकाज में नव आधार तो देगा, नई स्मृति भी देगा किन्तु जो कुटुम्बीजनों के साथ व्यावहारिक दृष्टिकोण को राहू कमजोर करने वाले होंगे। पैतृक संबंधी कोई विवाद चल रहा है, वहां धीमापन बनाकर जरूर रखें।
तृतीय भाव- देव गुरु वृहस्पति 5 अप्रैल से 14 सितम्बर तक जब कुंभ में अतिचार होकर रहेंगे तो यहां पराक्रम पर इनका दृष्टि निक्षेपण रहेगा। इसी आधार पर रुकी हुई प्रमोशन है वहां बहुत अच्छा लेवल बनता चला जाएगा। एक जॉब से दूसरी जॉब में जा रहे हैं, चाहत किसी पद की थी, एक कामकाज को करते हुए कन्फोर्ट जोन में घिर चुके थे, खुद को संकुचित कर चुके हैं, ये समय परिवर्तन के दृष्टिकोण को दिखाना होगा। शुरुआती स्तर पर बुध का प्रभाव पराक्रम भाव के साथ रहेगा। 15 जनवरी तक सूर्य देव भी पराक्रम पर रखने वाले होंगे। नौकरी पेशा या व्यापारिक जीवन में भाग्य के साथ में पराक्रम के साथ जोड़कर परिवर्तन की ओर गमनशील हो सकते हैं। महत्वाकांक्षाओं पर नियंत्रण बना रहेगा। भाइयों के साथ संबंधों में शुरुआती 3 महीनों में कुछ दिक्कतें आ सकती है। दोस्तों के साथ विश्वास स्थापित करना होता है वहां पर भी कमी आपके सामने रह सकती है। इस वजह से थोड़ा सा ख्याल रखने की आवश्यकताएं रहेगी।
चतुर्थ भाव- मार्च से सितम्बर के मध्य पुरानी भूमि के बेचान या नई भूमि खरीदना चाहते हैं, तब भी ये समय आपको बहुत अच्छे से एक तरह से आधारित स्तर देने वाला होगा। प्रोपर्टी के कामकाज में जुड़ाव है, इंटीरियर कामकाज के साथ जुड़ाव है तब भी सार्थकता की हदें सामने रहेगी। कामकाज में मानसिक स्थिरता की आवश्यकता होती है। मंगल ऊर्जा दे रहे हैं वहीं देव गुरु वृहस्पति आपको मानसिक स्थिरता दे रहे हैं। आप तीव्र हैं, आप वहीं धीमे भी है, आप वहीं पर मानसिक स्थिरता को भी लिए हुए है, वो सारी ही पोजीशन एक साथ में चल रही हो तो वहां पर आपके लिए सफलता का आयाम बनने लगता है। इसे समझें कि आप पूरे तरीके से एकाग्र चित्त है, और तत्काल निर्णय लेना होता है, एक ही बात के बारे में सोच रहे हैं, तो प्रत्येक आयाम को टच कर पाते हैं, और निर्णय में गलती नहीं रहती। ये संभावनाएं बेहतरी की बनी हुई है। माता स्थान के जुड़ाव बढ़ता चला जाएगा। कामर्शियल व्हीकल संबंधी कामकाज में शनि देव की जो पोजीशन है, बेहतरी दे सकती है। खुद के आशियाना का सपना बनाते हैं, खुशियां परिवार के साथ बांटूंगा। 1 जनवरी से 5 अप्रैल तक और उसके बाद 14 सितम्बर से लेकर 20 नवम्बर तक का समय ऐसे क्षेत्र में महत्वपूर्ण कहा जा सकता है। निर्णय लेना, घर परिवार को सुखद स्थितियां देना ये सब कुछ वहां पर जुड़ा रहेगा।
पंचम भाव- देव गुरु वृहस्पति का दृष्टि संबंध रहेगा 5 अप्रैल से 14 सितम्बर के मध्य जब सिंह राशि स्थान पर होगा तब शिक्षा में जाग्रति बनने वाली होगी। शुरुआत में ही उच्च शिक्षा में सपोर्ट मिल रहा है। देव गुरु वृहस्पति के साथ में सूर्य देव के 3 संक्रांति क्रम है, यहां धनु में चलने वाला 15 जनवरी तक उसके बाद मकर, उसके बाद कुंभ में चलने वाला परिवर्तन शिक्षा और उच्च शिक्षा में सपोर्ट बनाकर जाएगा। लम्बे समय से आप चाह रहे थे मैं उच्च शिक्षा में विदेश संबंधित गतिविधियों में जुडू, निरन्तर प्रगति के साथ सफलता बनी रहेगी। संतान पक्ष के साथ जुड़ाव में थोड़ी सी कमी बनी रह सकती है, वहां प्रयास ज्यादा करना होगा। आकस्मिक धन लाभ के योग शुरुआत में नहीं दिखाई देते, किन्तु अप्रैल से दिसम्बर तक का समय आकस्मिक धन लाभ को जोड़ता चला जाएगा। गृहस्थ में संतान सुख की स्थितियां परेशान कर रही थी, देव गुरु वृहस्पति जब कुंभ में प्रवेश करेंगे, वहां से सातवीं दृष्टि से पंचम को देखेंगे तो उनकी अमृतमयी दृष्टि ऐसे खुशियों के पारावार जीवन के भीतर लेकर आ सकती है।
षष्ट भाव- थाइराइड जनित रोगों से सावधान रहना होगा। त्वचा जनित रोग मई और जून में परेशान कर सकते हैं। मंगल और बुध के प्रभाव से चर्चा की जा रही है। रक्त संबंधी विकार होते हैं उनसे भी सावधान रहना होगा। गृहस्थ का स्वास्थ्य यदि चिंता में डालता है तो आप अपनी प्रोफशनल लाइफ के साथ चलें जरूर, लेकिन वहां भी समय दीजिये क्योंकि स्वास्थ्य खुशियों को भी देने वाला होता है। ऋण संबंधी स्थितियों में शुरुआत से ही एक स्थायित्व बना हुआ है। देव गुरु वृहस्पति की नौवीं दृष्टि षष्ट हाउस पर है, जो कर्ज संबंधी परेशानियां घेरे हुए थी, उसमें भी शनि देव के साथ वृहस्पति है, कंस्ट्रक्शन, बिल्डिंग मेटेरियल, ट्रांसपोर्टेशन और कोई भी ऐसी विधा स्थायित्व की नींव लिए हुए होती है, शनि देव देव गुरु वृहस्पति दो समगत ग्रह, वृहस्पति की नौवीं दृष्टि अच्छा खासा रिलीफ ऋण में देने वाली रहेगी।
सप्तम भाव- शनि देव की पोजीशन के आधार पर नवम पंचम का संयोग है इसी वजह से आप शत्रुओं को साइड लाइन करने में सफल होंगे। आपका कर्म लगातार उनको जवाब देता चला जाएगा। जहां शत्रु थकते हैं, काम्पीटीटर थकते हैं वहीं शनि देव को बताते हैं कि खुद को प्रूव करने का। व्यक्ति आठ घंटे की थकान के बाद भी अगले चार घंटे काम करने को तैयार होता है वहीं से अपने शीर्ष को प्राप्त करने वाला होता है। यह स्थिति आपके लिए रह सकती है। शनि देव उच्च राशि स्थान को देखने वाले होंगे इसी वजह से व्यापारिक जीवन में उच्चत्व प्राप्त होता चला जाएगा। नई शुरुआत करना चाहते हैं तो पहले तो मन के भीतर संशय को हटाएं। इस ऊर्जा को पहचानिये उसके बाद में चलने की शुरुआत कर दीजिये तो बेहतरी। गृहस्थ में शुरुआती तीन महीने डिस्टर्ब करने वाले हो सकते हैं। छोटी छोटी बातों पर तत्काल रियेक्टिव होने से बचना चाहिए। व्यापारिक साझेदारियों में जनवरी-फरवरी धैर्य का समय है।
अष्टम भाव- रिसर्च, मेडिको के फील्ड में अष्टम की स्थिति बहुत बेहतर परिणाम देगी। शुरुआती पांच महीने भी पूरी तरह से सपोर्टिव कहे जा सकते हैं। मंगल की इस गति के आधार पर फरवरी और मार्च के महीने में आप यदि मेडिकल फील्ड और उच्च शिक्षा के बारे में सोच रहे हैं, विचारशील रह सकते हैं। भूगर्भीय अध्ययन के साथ जुड़ा जातक सफलता पाने वाला रहेगा।
नवम भाव- शुरुआत से ही दर्शन की प्रवृतियां मन के भीतर पनपी हुई है। आपकी फैलोशिपी जो भी है, लोग कुछ भी कहें, लेकिन आप अपने मन के भीतर लोगों के सामने रखियेगा जरूर। व्यापारिक या नौकरी पेशा जीवन में है, हम अपने अनुभव का एसेंस लोगों के सामने रख रहे हैं, वो दर्शन है, आध्यात्म है। ये प्रमुख आधार शुरुआत में ही बना रहेगा। योगकारक नवमेश दशम भाव में, भाग्य और कर्म आध्यात्म के साथ जुड़कर सहयोग देने वाले होंगे। उच्च शिक्षा में शुरुआती पांच महीने सपोर्टिव है।
दशम भाव- देव गुरु वृहस्पति नीचस्थ स्थितियों के साथ में जरूर है किन्तु शनि देव के साथ में है। आपकी जो ऊर्जा और कामकाज का स्तर है वो पूरे साल एक सरीखा चलने वाला होगा। जो अनुभव हासिल किया, अगले ही दिन कामाकज में निरूपित करते चले जाएंगे। रफ्तार एक जैसी बनी रहेगी। वर्किंग एक्सपरटीज मेजर लेवल पर फायदा देने वाली हो सकती है। रुकावटें और बाधाएं सताने वाली नहीं है। पिता के साथ कामकाज में पिछले वर्ष गफलतें या तल्खियां थी, वो दूर होती चली जाएगी, जुड़ाव स्थापित होगा। नौकरी पेशा जीवन से व्यापार में जुडऩा है, अपनी जिम्मेदारी को समझें और उस तरफ जाने की शुरुआत करें, जिससे सपोर्ट मिलता चला जाए। प्रबंधन संबंधी स्थितियों में स्मार्ट एप्रोच बनी रहेगी। फरवरी के महीने में मैनेजमेंट में मेजर लेवल की जिम्मेदारी दे सकता है।
एकादश भाव- एकादशेश भी कर्म भाव के भीतर पूरे वर्ष रहने वाले हैं। देव गुरु वृहस्पति का प्रभाव कुछ समय के लिए कुंभ राशि स्थान पर भी होगा। शनि देव अपनी राशि में देव गुरु शनि देव के मूल त्रिकोण में चलायमान होंगे तो कर्म लाभ देंगे। कोर्ट-कचहरी मामलात में रिलीफ रहेगी। सर्वांगीण लाभ जुड़ा रहेगा। शुरुआती तीन महीनों में शेयर मार्केट में केलकुलेशन करेंगे वो अप्रैल से सितम्बर के महीने में बड़ा मेजर लेवल का गेन देने वाली होगी। संतान पक्ष को वहां जोड़ा जा सकता है। लेखन संबंधी कामकाज के साथ जुड़ाव है तो वहां पर भी सफलता अंकेक्षण के साथ में रहने वाली होगी।
द्वादश भाव- द्वादशेश यहां दशम के साथ जुड़े होंगे। विदेश संबंधित कामकाज में आपका कर्म आपको नाम देने वाला होगा। लिटरेचर संबंधी कामकाज में सार्थक हदें निर्मित है, द्वादशेश जब एकादश में होंगे अप्रैल से दिसम्बर महीने के अंतराल में खर्चों पर नियंत्रण लगेगा। मानसिक खर्चे बढ़ेगे, जिससे चिंतन जाग्रत होगा और कार्य में सफलता आपके सम्मुख आती चली जाएगी।
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