शनि देव की उपासना पद्धातियों के बारे में चर्चा करते हैं तो सबसे पहले शनि देव की स्थितियों का जानना आवश्यक है, जिससे पता चलता है कि जीवन में आने वाली गतिविधियां किस तरह से प्रभावित होती हैं।
शनि देव, जो महान न्यायाधिपति हैं, शनि देव जो व्यक्ति को कर्तव्यनिष्ठा की ओर लेकर जाते हैं, शनि देव जो सूर्य पुत्र हैं, किन्तु भौतिकता उसकी चमक-दमक से हटाकर वास्तविक जीवन क्या है? संघर्ष की मूलभूत परिभाषाएं क्या है? और किस तरह से पसीने की कीमत के साथ में व्यक्ति अपने जीवन में सफलता के नए आयाम प्राप्त करता है। यह सब कुछ शनि देव की स्थितियों के साथ में व्यक्ति के जीवन में दृष्टिगोचर होता है।
जब भी व्यक्ति अपने जीवन में स्ट्रगल्स की पोजीशन को पूरे तरीके से एक्सेप्ट कर लेता है, संघर्षों की स्वीकारोक्ति के साथ में चलता है, तो वहीं पर जो एक मार्ग प्रशस्त होने की स्थितियां है वो बारम्बार सामने आती है। एक व्यक्ति कहता है कि मैंने असफलता देखी, किन्तु उसके बाद में सबक लिये और फिर निरन्तर प्रयास किए। अन्ततोगत्वा मैंने अपने जीवन में सफलता हासिल की। वो भी व्यक्ति कहीं-न-कहीं शनि देव का एक उपासक है और जीवन में नए आयाम एचीव करने की ओर निरन्तर तौर के ऊपर जा रहा है। शनिदेव के दशरथ कृत स्रोतम् को जीवन में धारण करने तथा शनि देव के बीज मंत्र का जाप निरन्तर तौर पर करें। वहीं पर हनुमंत उपासना करना भी सार्थक साबित होगा आपके लिए।
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