नव वर्ष की हृदय से अनंत शुभकामनाएं
नव वर्ष में किस उत्साह, किस आशा और किन उम्मीदों के साथ स्थितियां वर्षभर हमारे साथ रहने वाली होगी, इसको ग्रहों की स्थितियों के साथ एक आंकलन के साथ निक्षेपित करते हुए वर्ष 2021 में मिथुन राशि के जातकों के लिए क्या-क्या परिवर्तन, किस-किस क्षेत्र में ला रहा है तथा वर्ष पर्यन्त ग्रह गोचरीय व्यवस्थाओं के आधार पर चलने वाली स्थितियों का बारह ही भावों के साथ विश्लेषण क्या कहता है, इसकी समग्र चर्चा से विवेचन दिया जा रहा है, जिसे समझकर जातक उसी अनुरूप अपने प्रयासों की सार्थक हदों को प्राप्त कर सके।
प्रथम भाव- बुध प्रधानक स्थितियों के साथ ढैय्या ने शुरुआती संघर्ष दिए, कामकाज में रुकावटें-बाधाएं आई, जो ये वर्ष पूरा ही चला, बाारम्बार संभावनाएं बनी कि हमारे लिए अब काम पूरे हुए कि अब हुए, किन्तु अटकते चले गए। 1 जनवरी से 5 अप्रैल तक ज्यादा सपोर्ट की आशा नहीं करें। मध्यम दर्जे के संकेत बनने लगेंगे। 5 अप्रैल से 14 सितम्बर 2021 तक का समय अंतराल है, जब देव गुरु वृहस्पति कुंभ राशि स्थान में होंगे और राशि भाव को सपोर्ट देने वाले होंगे वहां से संभावनाएं आपके लिए बेहतर है। शुरुआती 15 दिनों के लिए 1 से 15 जनवरी तक आत्मविश्वास अच्छे से बना रहेगा। बुध का सपोर्टिव बेस भी आपके लिए बहुत अच्छा कहा जा सकता है। फाइनेंस को रिलेट करते हुए फील्ड के साथ में है तो 1 से 15 जनवरी, 13 फरवरी से 13 मार्च तक बेहतर हदें आपके लिए बनी रहेगी। जब सूर्य देव यहां धनु संक्रांति क्रम में चलेंगे, कुंभ के संक्रांति क्रम में चलेंगे वो दोनों संक्रांति क्रम आपके लिए अति महत्वपूर्ण कहे जाएंगे। अगस्त सितम्बर का महीना आत्मविश्वास को लाने वाला रहेगा। 15 अगस्त से 15 सितम्बर में सूर्य देव सिंह राशि के साथ चलने वाली होती है, फरवरी और मार्च का महीना जॉब की पोजीशन में एक नया लेवल लेकर आ सकता है। व्यापारिक जीवन के अंदर विश्वास करके निर्णय ले लिए वो सार्थकता की ओर ही लगातार जा रहे हैं। शनि देव की ढैय्या में संघर्ष मौजूद है, किन्तु संघर्षों के साथ में आपके लिए शीर्ष पहुंचने का रास्ता भी मौजूद है, इसके साथ में कार्य करना होगा।
द्वितीय भाव- शुरुआत भले ही चन्द्रमा के साथ चल रही हो, सबसे प्रमुख सपोर्ट रहेगा देव गुरु वृहस्पति जो कि द्वितीय भाव के कारकाधिपति भी हो जाते हैं, मनी इज आल अबाउट लिक्विडिटि जब देव गुरु वृहस्पति उच्च राशि स्थान को देखने पर धनागमन बनना, 2019-20 में मेहनत की वर्ष 2021 वहीं से आपके लिए 1 जनवरी से 5 अप्रैल उसके बाद 14 सितम्बर से 20 नवम्बर के मध्य फाइनेंसियल गेन को दे सकता है। अपने प्रयासों के अंदर एक बार भी निराशा का भाव नहीं लाएं। वाणी जब आपके अनुभव के साथ बोलती है, कुटुम्ब जब सहयोग के साथ खड़ा होता है, आपकी गणनाएं निरन्तर ये बताती है, आप जहां बढ़ रहे है वो सही रास्ता है तो रुकने की आवश्यकता नहीं है। संभावनाओं को अनुभव के साथ जोड़ रहे हैं वहीं से फाइनेंसियल गेन बढ़ता चला जाएगा। मार्केटिंग संबंधित कामकाज, पब्लिक रिलेशन के कामकाज, वाणी में स्पष्टता, मृदुभाषिता और वहीं पर किसी विद्रोह की आवश्यकता है ये सब कुछ आपके लिए बना रहेगा। व्यापारिक जीवन में शुरुआती 3 महीने जो भी निर्णय लेंगे वो फाइनेंसियल गेन की ओर जाने वाले रहेंगे। स्थिरता आएगी। ऋण से मुक्ति भी आने लगेगी।
तृतीय भाव- शुरुआती 15 दिन वो आपके लिए व्यापारिक जीवन में पराक्रम लेकर आ रहे हैं, जहां पर फाइनेंसेस के साथ आब्जर्वेशन वो भी प्रसाइज लेवल पर रहेगी। भाइयों के साथ किसी कामकाज की शुरुआत करनी है, वहां ध्यान रखें दोस्तों के साथ कामकाज के साथ बढ़ रहे हैं, शुरुआती 15 दिन जो कि मलमास के साथ चलते हैं, यहां पर केलकुलेशन को आगे बढ़ाइये और फरवरी से मार्च महीने में क्रियान्विति की ओर जा सकते हैं, सफलता रेखांकित होती चली जाएगी। प्रमोशन संबंधी कोई भी दायरे है अगस्त सितम्बर और उसके पहले फरवरी मार्च का महीना और अप्रैल मई महीने में भी वो भी पोजीशन्स बनने वाली रहेगी। कंपनी में ही कोई प्रमोशन चाह रहे हैं, जिस आर्गेनाइजेशन चल रहे हैं वही प्रमोशन या चेंज करके वृद्धि पाएं देव गुरु वृहस्पति दूसरी संभावना को बनाएं, आप परिवर्तन के साथ बढ़ सकते हैं, यही वास्तविक आधार रहने वाला होगा। 5 अप्रैल से 14 सितम्बर के मध्य जहां रुकने की आवश्यकताएं नहीं है।
चतुर्थ भाव- कमीशनिंग संबंधित कामकाज होते हैं इसमें फरवरी को छोड़़ दीजिये इसके अलावा लगभग-लगभग जून के अंतराल तक आपके लिए ब्रोकेज, कमीशनिंग संबंधित कामकाज, जहां महीनों की मेहनत एक दिन मे परिणाम देती है और आगे आने वाले महीनों के लिए जीविकोपार्जन को दे देती है, एक तरह से पीक बनता है, ये पोजीशन बुध के साथ रहने वाली होगी। बैंकिंग संबंधित कामकाज में रोटेशन बहुत अच्छे से बनता चला जाएगा। मानसिक सुख में थोड़ी सी कमी रहेगी। जितना भी हासिल करेंगे उसमें कहीं-न-कहीं न्यूनता भी देखने वाले होंगे। कामर्शियल व्हीकल के कामकाज में बड़े निर्णय लेने में आपको सावधानी बरतनी चाहिए। सितम्बर से नवम्बर का समय रहेगा वहां और ज्यादा ठहराव की आवश्यकताएं रहने वाली है। माता स्थान के जुड़ाव की आशा थी, वहां थोड़ी सी कमी रहेगी। प्रमोशन मिला कोई और शहर की ओर जाना पड़ गया, उससे विचलित नहीं हो। माता के स्वास्थ्य में अप्रैल से सितम्बर तक सावधानी बरतियेगा।
पंचम भाव- देव गुरु वृहस्पति इनकी शुक्र की राशि स्थान पर नौवीं दृष्टि रहेगी, लगभग अप्रैल से सितम्बर के मध्य तो वहीं शनि देव पूरे वर्ष पर्यन्त अपने उच्च राशि स्थान को देखने वाले होंगे। टेक्नीकल एज्यूकेशन के साथ जुड़े हुए हैं, भाषाविद है, मेकेनिकल इंजीनियरिंग के साथ में जुड़कर चलने वाले व्यक्ति विशेष है, मेडिको फील्ड में सर्जिकल इक्यूपमेंट क्षेत्र या फिर आइल संबंधी फील्ड में नया सीखकर शुरुआत करना चाहते हैं ये सारे ही क्षेत्रों में बेहतरी रहेगी। शिक्षा के अंदर ये पूरा वर्ष सपोर्टिव रहने वाला है। भावी भविष्य के अंदेश सताते रहेंगे। आकस्मिक धन लाभ संबंधी कामकाज में वर्षों की केलकुलेशन को साथ रखें लोगों के बहकावे में आकर निर्णय नहीं लें। गृहस्थ में संतान पक्ष से जुड़ी खबरें नहीं दे पाए हैं, घर आंगन में किलकारी गूंजने की उम्मीद रहेगी। अप्रैल से सितम्बर और नवम्बर दिसम्बर को बेहतर कहा जा सकता है।
षष्ट भाव- केतु का प्रभाव पूरे ही वर्ष षष्ट भाव के साथ रहेगा। नसों से संबंधित आपके लिए परेशानियां होती है, वहां पर इस वर्ष बहुत ज्यादा सावधानी। छोटी सी परेशानी आती है और मानसिक स्तर पर राहू उसको घेरने वाले हो जाते हैं, इससे बचना होगा। मधुमेह जनित रोग से परेशान रहे हैं तो जनवरी और फरवरी माह में खान-पान पर नियंत्रण रखे। शुगर के लेवल को चैक करवाते रहना। मंगल की स्थिति में षष्टार्थ की स्थितियां जनवरी फरवरी में रहेगी, रक्त संबंधी विकार, ब्लड प्रेशर, एनीमिक, शुगर के साथ जुड़े रहते हैं तीनों ही रोगों पर कंट्रोल रखना होगा। ऋण संबंधी दिक्कतों में 21 फरवरी तक समाधान ला सकती है। शत्रु पूरे ही वर्ष हावी नहीं होने वाले हैं। आपका कर्म और मंगल का मेष राशि स्थान के साथ चलायमान रहना तथा आठवीं दृष्टि से षष्ट हाउस को देखना वहां पर आपके लिए मेजर रिलीफ देने वाला हो सकता है। जो कलिग्स कान्सप्रेरिस क्रियेट कर रहे थे, वो भी दूर होंगे।
सप्तम भाव- गृहस्थ जीवन में शुरुआत में ही संभलने की आवश्यकताएं है। सप्तमेश अष्टम भाव में नीचस्थ है। सूर्य बुध का बुद्धादित्य योग बुध वो भी शुरुआती स्तर पर वृहस्पति के राशि स्थान में इसी वजह से अपने लिए गृहस्थ में जितना हो सके समझौतों के साथ में चलें। कई बार आशाएं रखते हैं, किन्तु ये आशाएं कुछ महीनों के बाद रखी जा सकती है, अभी हम समझें, जानने का प्रयास करें अगला व्यक्ति क्या चाह रहा है उसके साथ चले तो बेहतरी बनी रहेगी। विदेश संबंधित कामकाज में गृहस्थ का कोई भी मामला अटका हुआ था, सप्तमेश जो कि गृहस्थ भाव के आधिपत्य प्राप्त ग्रह अष्टम में रहेंगे और द्वादश भाव को देखने वाले होंगे जहा राहू है, राहू दृष्टि निक्षेप भी है तो ये समय बेहतर कहा जाएगा। व्यापारिक साझेदारियों में ये वर्ष आपके लिए कुछ अच्छी खबरें लेकर आ रहा है।
अष्टम भाव- कोई भी एडिक्शन ने जनवरी 2020 दिसम्बर 2020 के बीच परेशान किया। 20 नवम्बर से कंट्रोल आने लगा है। 1 जनवरी 2021 से फिर से खुद के लिए संकल्प निर्धारित करते हैं, जो भी एडिकशन बने हुए हैं उससे दूर होऊंगा, संकल्पित स्थिति में देव गुरु वृहस्पति की अष्टम के साथ स्थिति शनि देव के साथ चल रही है, वहां आपके संकल्प को सिद्ध करने वाली होगी। जब भी आदत को छोड़ता है तो भीतर द्वंद्व की ओर जाता है, द्वंद्व से विजेता होकर अपने भीतर की जड़ से ऐसे रोगों को निकाल देता है वहां से आप फिर से स्वतंत्रता के साथ में चल पाते हैं। एडिकशन में परतंत्र में चलता है। संकल्प सिद्धि को बढ़ाकर गतिमान रहने पर बेहतरी रहेगी। रिसर्च और ऐनेलेसिस के कामकाज में 5 अप्रैल उसके बाद अक्टूबर नवम्बर का समय बेहतर कहा जाएगा। अप्रैल से सितम्बर का समय में मैटल संबंधी कामकाज में सावधानी बरतियेगा।
नवम भाव- विदेश संबंधित कामकाज में वृद्धि रहेगी। भाग्य संघर्ष देगा। भाग्य संघर्ष के साथ में कर्म की प्रतिध्वनि भी लाएगा। भाग्य से हारता है, कहता है भाग्य के भरोसे बैठने से कुछ नहीं होता, प्रयास बढ़ाता हूं, वहीं रास्ते में भाग्य खड़ा नजर आता है, ये ही पोजीशन आपके साथ में रहने वाली होगी। वहीं अनुभव निरन्तर तौर पर फायदा देंगे। आध्यात्मिक चिंतन भीतर से उपज कर सामने आने वाला होगा। उच्च शिक्षा में विदेश संबंधित गतिविधियों को बढ़ाकर देख रहे थे, वहां पर पोसिबल एप्रोच में पोजीटिविटी बनी हुई है। शनि देव की तीसरी दृष्टि दशम भाव पर है, वृहस्पति यहां अष्टम के साथ चलायमान है उसके बाद नवम के साथ रहेंगे। कई बार व्यक्ति कर्म के साथ आलस्य को भोगता है। जहां निर्णय स्पष्ट है उसको लगने लगता है थक चुके हैं, क्या करेंगे, कैसे करेंगे वहीं पुराने अनुभवों को याद कर लीजिये निराशाएं दूर होने लगती है। दशरथ कृत शनि स्त्रोम और हनुमंत उपासना इन 365 दिनों के लिए आधार बनाकर चलते हैं, तो मन भीतर के शत्रुओं पर विजय नहीं कर पाता है, उपासना से आगे बढ़ पाते हैं। सुंदर कांड, हनुमान अष्टम, लगातार बजरंग बाण का पाठ जो मन के भीतर की सुप्त संवेदनाओं को दीप्त प्रखर ज्वाला देती है। यही आधार मन के भीतर कोई भी निराशा को जाग्रत करने वाला नहीं होगा।
दशम भाव- अप्रैल से सितम्बर के मध्य नवम्बर दिसम्बर के मध्य लिटरेचर संबंधी कामकाज में, सर्विस इंडस्ट्री, गृहस्थ के साथ जुड़कर कामकाज, पिता के साथ में किसी और कामकाज को जोडऩा है, अपनी जिम्मेदारी को वहन करना है वहां पर सपोर्टिव बेस बना रहेगा। कुटुम्बीजनों के साथ में सहयोग की आशा अपेक्षा को पूर्ण होता नहीं देख पाए थे, वहां भी सकारात्मक संकेत रहेंगे।
एकादश भाव- शुरुआत में ही मंगल अंतिम उच्चय को पूर्णतया सहयोग देकर चल रहे हैं तो इसी वजह से आपके लिए वहां संतान पक्ष के साथ में कुछ अच्छी खबरें मिलने की उम्मीद रहेगी। आकस्मिक धन लाभ को संजोकर चलना चाह रहे थे वहां भी बेहतरी रहेगी। भूमि विवाद चल रहा था, रुपया पैसा अटका हुआ था, मंगल की चौथी दृष्टि ये अग्नि कारक ग्रह है, ये जब धन भाव पर, लाभ और धन काम्बीनेशन शुरुआत में बनेगा आप मानकर चल सकते हैं अटका हुआ रुपया-पैसा जो वर्षों से प्राप्त नहीं हो पा रहा था, आपके प्रयास, प्रयास के साथ धैर्य, धैर्य के साथ में ये बताना कि हम फिर से साथ जुडऩा चाहते हैं, आप रोटेशन लाइये, समस्याओं के समाधान लाएगा।
द्वादश भाव- राहू है इसलिए प्रत्येक कार्य में अज्ञात भय नजर आएंगे। जहां पर भी संभावनाएं बनी वहां अज्ञात भय भी घेरते हैं, वहां सावधान रहें। इस वर्ष शिव उपासना के साथ बढियेगा। नसों संबंधी रोग में खर्चे बढ़ सकते हैं, सावधानी की आवश्यकता रहेगी। विदेश संबंधित कामकाज में डाउट रखकर नहीं चले शुरुआती तीन महीने स्टेबलिस करने वाले हो सकते हैं।
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