नव वर्ष की हृदय से अनंत शुभकामनाएं
नव वर्ष में किस उत्साह, किस आशा और किन उम्मीदों के साथ स्थितियां वर्षभर हमारे साथ रहने वाली होगी, इसको ग्रहों की स्थितियों के साथ एक आंकलन के साथ निक्षेपित करते हुए वर्ष 2021 में सिंह राशि के जातकों के लिए क्या-क्या परिवर्तन, किस-किस क्षेत्र में ला रहा है तथा वर्ष पर्यन्त ग्रह गोचरीय व्यवस्थाओं के आधार पर चलने वाली स्थितियों का बारह ही भावों के साथ विश्लेषण क्या कहता है, इसकी समग्र चर्चा से विवेचन दिया जा रहा है, जिसे समझकर जातक उसी अनुरूप अपने प्रयासों की सार्थक हदों को प्राप्त कर सके।
प्रथम भाव- शुरुआती पन्द्रह दिन में विश्वास अच्छे से रहेगा। बड़ा निर्णय लेना है, उसका प्रभाव पूरे वर्ष साथ में रहने वाला है, सूर्य देव की स्थितियां सपोर्ट देगी। 14-15 जनवरी से 12 फरवरी तक थोड़ा-सा विश्वास में लूज एप्रोच के साथ रहेंगे। जहां निर्णय-अनिर्णय परेशान करने वाले होंगे। फरवरी और मार्च के महीने में उत्साह बढ़ता चला जाएगा जो निर्णय आप लेंगे उसके अंदर आपके अनुभव और ऊर्जा की स्थितियां बेहतर है। व्यापारिक जीवन में शुरुआती 14 दिनों के अंदर निर्णय लेने हैं, किन्तु क्रियान्विति के लिए थोड़ा इंतजार करना है। 12 फरवरी से 15 मार्च के मध्य जाते हैं तो ज्यादा बेहतरी बनी रहने वाली होगी। नौकरी पेशा जीवन में निर्णायक इंटरव्यू की ओर जा रहे हैं, अपनी तैयारी पूरी रखें, एक्सटेसन में समझौता करने वाले नहीं हों क्योंकि देव गुरु वृहस्पति है वो अप्रैल से सितम्बर के मध्य आपके लिए राशि स्थान को पूर्णतया सहयोग देने वाले होंगे। अप्रैल मई का महीना ऐसा रहेगा जब आपके लिए नौकरी पेशा जीवन में प्रमोशन, प्रमोशन के साथ में चेंज का जो बेस है वो सामने आएगा। व्यक्ति कई बार भाग्य और अपने पूर्वजनित कर्म के आधार पर अच्छा-खासा फायदा उठाता है। एक जगह प्रमोशन मिली, प्रमोशन के बाद नई कंपनी इन्क्रीमेंट के साथ ऑफर दे देती है, वहीं से बदलाव आने लगता है, जो यहां से मिला है उसे संभालते चले जाओ। जॉब की स्थितियां आपके सम्मुख रख सकती है। ये आत्मविश्वास का द्योतक मात्र है। धनागमन भी बढ़ता चला जाएगा। व्यक्तित्व में फस्र्टेशन को हटाकर ठहराव देने वाला वर्ष है।
द्वितीय भाव- देव गुरु वृहस्पति का प्रभाव है, नौवीं दृष्टि से धन भाव को पूरे तरीके से सपोर्ट करने वाला होगा। जब आपने अपने कर्म को गति प्रदान की तो देव गुरु वृहस्पति और राहू का दृष्टि निक्षेपण है वह धन भाव पर होते ही मृदुभाषिता के साथ में स्प्रेड फारवर्ड एप्रोच को देने वाले होते हैं। देव गुरु वृहस्पति जब भी अपने कार्य संपन्न हो जाते हैं तो पोस्ट सर्विसेस के अंदर बहुत अच्छी मुस्कान और कृतज्ञता के भाव देने वाले होते हैं। कोई डील को फाइनलाइज किया उसके बाद मुस्कुराहट, ऊर्जा और सम्पन्नता बनी रही तो अगला व्यक्ति फिर से जुडऩा चाहता है। ऐसी स्थितियां स्थापित रहने वाली है। कुटुम्बीजनों के साथ कोई भी विवाद चल रहे थे, संपत्ति को लेकर परेशान रहे हैं, वहां ये समय बेहतर स्थितियों को लाएगा। वाणी संबंधित कामकाज में अनुभव हासिल किए हैं, वो सपोर्टिव बेस क्रियेट करने वाले हैं। 5 अप्रैल से 14 सितम्बर, 20 नवम्बर से 31 दिसम्बर, 2021 के मध्य के समय में आपको ये ध्यान रखना होगा वाणी में पूर्णतया एक धैर्य बना रहे। आप ऐसा वायदा करने की ओर नहीं जाए जो लम्बे समय तक दुविधाओं के साथ लेकर चलने वाला रहे।
तृतीय भाव- प्रमोशन का बेस बनेगा, देव गुरु वृहस्पति कुंभ में प्रवेश कर जाएंगे, यह नौवीं दृष्टि से तृतीय भाव को देखने वाले होंगे, शुक्र के राशि स्थान पर इनका दृष्टि निक्षेपण रहेगा तो आप अपने लिए प्रमोशन की उम्मीद कर सकते हैं। जो अपनी एक्सपेट नहीं किया था, पिछले वर्ष प्रमोशन आई थी, वहीं मैनेजमेंट आपके कामकाज से खुश होता है, क्राइसेस के समय मैनेज किया है उसके लिए गिफ्टेड एप्रोच मिल सकती है। महत्वाकांक्षाओं पर नियंत्रण रखने की आवश्यकताएं हैं। भाइयों के साथ किसी भी कामकाज की शुरुआत चाहते हैं, केलकुलेटिव रहियेगा। गृहस्थ के साथ स्पष्टता रखने की आवश्यकता है। कई बार सगे-संबंधियों के साथ कामकाज की शुरुआत करते हैं और घर परिवार में कोई और दिक्कत ले आते है, वहां सावधानी की आवश्यकताएं है। शुरुआती स्तर शनि देव का पराक्रम पर प्रभाव रहने से छोटी छोटी यात्राओं से जुड़े कामकाज, या एक शॉप है, दूसरी शॉप की ओर जाना चाहते हैं, एक शहर में पुरानी बनावट के साथ शॉप है, बाहर की ओर जाना चाहते हैं, ऐसी ग्रोथ की संभावना शनि देव द्वारा निर्मित होती है। यात्राओं के साथ चलने पर फायदे निकलकर आ सकते हैं।
चतुर्थ भाव- 14 जनवरी से 21 फरवरी, 2021 का समय है, भूमि संबंधित कामकाज में मेजर लेवल का बेनिफिट दे सकता है क्योंकि भूमि सूत मंगल भाग्य भाव में रहेंगे। ऐसी कोई भूमि थी जो कि सौदेबाजी की ओर जाने की आवश्यकता में है, हमारे लिए रोटेशन नहीं बन पा रहा है, मंगल वहां अपने प्रभाव को बहुत अच्छे से दे रहे हैं और वहीं से प्रोफिटेबल सिच्यूएशन को पाने वाले होंगे। आशियाना बनाना चाहते हैं, कंस्ट्रक्शन के कामकाज से आप थोड़ा सा डर रहे हैं, ऐसे डर को हटाइये, ये पूरा ही वर्ष आपके लिए अपने ऐसे सपनों को साकार करने वाला हो सकता है जो कि जीवन के अंदर माइले स्टोन है, मंगल की शुरुआती ऊर्जा ऐसा सहयोग देने वाली होगी। फरवरी, मार्च और अप्रैल महीने में पिता के साथ किसी भी कामकाज में है, या फिर माता स्थान के साथ कामकाज की शुरुआत की है वहां वाद-विवाद जन्म लेने वाले नहीं हो। छोटी छोटी परेशानियां विकराल रूप में परेशान करने वाली नहीं हो, वहां नियंत्रण की दरकार रहेगी। कामर्शियल व्हीकल के कामकाज में ये वर्ष मध्यम दर्जे के साथ चलता हुआ कहा जा सकता है। मानसिक सुख में कमी रहेगी। भागदौड़ तो रहेगा किन्तु आत्मिक संतुष्टि मिलनी चाहिए वो कहीं न कहीं आध्यात्मिकता और उपासना के साथ जोड़कर देखियेगा।
पंचम भाव- पंचमेश वो षष्ट हाउस में रहेंगे। 1 से 5 अप्रैल संतान पक्ष की ओर से चिंताएं बढ़ सकती है। संतान शिक्षा की ओर जा रही थी, डिस्ट्रेक्शन की ओर चली गई, संतान पक्ष की विवाह की खबरें आई फिर से नकारात्मकता की ओर चली गई, ऐसी सारी ही चिंताएं सताएगीे किन्तु 5 अप्रैल से 14 सितम्बर के समय देव गुरु वृहस्पति कुंभ राशि में रहने से सम्बल प्राप्त होगा। ऐसी नकारात्मकता से जीवन दूर हटता चला जाएगा। आकस्मिक धन लाभ संबंधी किसी भी क्षेत्र में आपका जुड़ाव है 1 से 14 जनवरी तक तो आप बेसक अच्छे से निर्णय ले सकते हैं, किन्तु 14 जनवरी से 12 फरवरी तक ऐसे निर्णय टालें उसके बाद में मार्च और अप्रैल का महीना है वहां पर भी आपको ऐसे निर्णय टालने चाहिए जो तत्काल बेस पर आपके लिए शेयर मार्केट संबंधित कामकाज के साथ जुड़े हुए हो सकते हैं, फैशीनेसन के आधार से स्थिरता रखने की दरकार है। गृहस्थ की ओर संतान सुख की स्थितियां 5 अप्रैल से 14 सितम्बर तक सहयोग की स्थितियां रहेगी। फैमिली वे की ओर है तो यात्राएं टालें, प्रोफेशनल लाइफ में अवकाश लें और अपने स्वास्थ्य को संबल देते चले जाएं, इसी में विजय निहित है।
षष्ट भाव- देव गुरु वृहस्पति आपके लिए स्टमक को रिलेट करती हुई प्रोबलम में परेशान दे सकते हैं। वायुजनित विकार कई बार स्टमक को रिलेट को बढ़ाते हैं। यहां शनि देव वात जनित रोगों को बढ़ाएंगे, देव गुरु वृहस्पति आंतों और कफ जनित समस्याओं में परेशानी दे सकते हैं। इसी वजह से खान-पान पर नियंत्रण, रुटिन में व्यायाम के साथ चलना। देव गुरु वृहस्पति की दृष्टि से मोटापा बढऩे की संभावना होती है। इसी वजह से खान-पान पर नियंत्रण रखें। वसा जनित रोगों से भी सावधान रहें। शत्रु आपको परेशान करने वाले नहीं होंगे। कोई कलिग लम्बे समय से आपको एक बड़ी जिम्मेदारी मिलने वाली थी, उसको रोककर बैठा हुआ था, वो साइड लाइन होने पर आप एक रास्ते पर चल पाते हैं, ये भी विजयकारक स्थिति है। ऋण परेशान कर रहे थे, शनि देव की स्थायित्व भरी स्थितियां साथ में देव गुरु वृहस्पति का वृहद प्रभाव कर्ज संबंधी समस्याओं के निराकरण के अंदर भूमिका निभाने वाला होगा।
सप्तम भाव- व्यापार भाव के आधिपति है स्वयं से द्वादश जरूर है, किन्तु स्वराशि स्थान में है। व्यापार में ऐसा लगेगा संघर्ष है, धीरे हो रहा है। काम्पीटीटर को देखेंगे उनकी चाल तेज है, यदि धीमी चाल साथ है जो आपको गलती करने की ओर लेकर नहीं जाएगी। कंस्ट्रक्शन संबंधी कामकाज में कोई नये प्रोडक्ट का डवलपमेंट किया है, उस क्षेत्र के अंदर ये समय सफलता के प्रतिबिम्ब लाएगा। गृहस्थ जीवन के अंदर शुरुआती 3 महीनों में आपको बहुत संभलकर चलना होगा। लम्बे समय से मनमुटाव चल रहे थे, या अभी-अभी विवाह सम्पन्न हुआ है, लगने लगा है शायद ये रिश्ता नहीं टिक पाएगा, वहीं शुरुआती तीन महीनों किसी एजेम्पसन की ओर नहीं जाए। उनसे आपको बचना चाहिए। व्यापारिक साझेदारियों में नएपन से कोई भी शुरुआत करने से आपको संभलना होगा। व्यापार स्थायित्व लिए हुए है, निर्णायक मौकों पर जो अज्ञात भय सताने वाले होते हैं, वो भी दूर होते चले जाएंगे। अष्टमेश की स्थितियां वो षष्ट भाव में षष्टेश स्वयं षष्ट भाव में ये पूरे वर्ष का अज्ञात रूप से व्यापारिक फायदे लाने वाला होगा जिसके प्रभाव आगे जाकर बेहतरी देते चले जाएंगे।
अष्टम भाव- शनि देव का प्रभाव वृहस्पति के राशि स्थान पर है वहीं देव गुरु वृहस्पति स्वयं है वो षष्ट हाउस के साथ में चलायमान है तो इसी वजह से विदेश संबंधित कार्यों में वृद्धि होती चली जाएगी। सर्विस इंडस्ट्री के साथ जुड़कर आउट सोर्सिंग के साथ संभावनाओं को तलाश रहे थे, मंगल का सपोर्ट भी बड़ा बेस लगाएगा। इसी वजह से ये पोजीशन है बेनिफिट के साथ में है। विदेश संबंधित कामकाज में जितना आगे बढ़ सकते हैं, गति को बढ़ाना चाहिए। दोनों ग्रहों का प्रभाव द्वादश पर भी अच्छे से रहने वाला है। मैटल संबंधी कामकाज में संभलकर चलना होगा। रिसर्च के साथ में फिर से जुडऩा चाहते हैं, शिक्षा को छोड़कर रिसर्च में जाने के लिए निर्णय सार्थकता और मन में आत्मिक संतुष्टि प्राप्त होती चली जाएगी।
नवम भाव- जनवरी और फरवरी महीने में सहयोगी है। तकनीक में सपोर्ट रहेगा। पराक्रम धुरी बनकर रहेगा। अनुभव ज्यादा ऊर्जा सहयोग देने वाली है। आध्यात्मिक चेतना है उसके ऊपर भौतिकता हावी रह सकती है। मन के भीतर की दूरदर्शिता होती है वो आध्यात्मिकता के साथ जुड़ी होती है उसके स्पंदन को प्राप्त करके चलना आपके लिए अति आवश्यक है।
दशम भाव- राहू साथ में है। आप अपने इंटयूशन को लेकर चलते हैं वृहस्पति कर्म को संबल दे रहे हैं, प्रजेंटबल एप्रोच बनी हुई है वो नौकरी पेशा जीवन में नई नौकरी की ओर लेकर जाएगी। वर्किंग एक्सपर्टीज आपकी बढ़ती चली जाएगी, नकारात्मकता नहीं है। पिता के साथ किसी भी कामकाज के अंदर है, ध्यान रखियेगा कि अपने कम्युनिकेशन के ऊपर हम नियंत्रण रखकर चलने वाले हों। यात्राओं के साथ जुड़ा हुआ कामकाज सफलता को सम्मुख रखने वाला रहेगा। प्रबंधन संबंधी कामकाज या शिक्षा के साथ अपने जीवन को नया आयाम देना चाहते हैं, वर्ष 2021 का जो 365 दिन आपके लिए सहयोगी बना हुआ है।
एकादश भाव- शुरुआत में ही सूर्य देव का प्रभार रहने वाला है और बुध का प्रभाव शुरुआती दिनों में रहने वाला है अपने स्वराशि स्थान पर पुण्य फलों के उदित होने की स्थितियां है। पुण्य फल कई बार उदित होते हैं और संकेत देते हैं कि इस कार्य की ओर चले जाओ, वही डोर बांधनी है और बढऩा है। सर्वांगीन लाभ स्थापित रहने वाले हैं। गणपति आराधना और उपासना को सूर्य उपासना के साथ में पूरे ही वर्ष आधार बनाकर आपको चलना चाहिए। आकस्मिक धन लाभ को सहेजने के अंदर काफी हद तक आपको मशक्कत करनी पड़ सकती है।
द्वादश भाव- देव गुरु वृहस्पति अपने उच्च राशि स्थान को देख रहे हैं, शनि देव तीसरी दृष्टि से अष्टम भाव को देख रहे हैं ये भी देव गुरु का राशि स्थान है इसी वजह से संभावित तौर पर विदेश जाकर आप किसी कामकाज की नएपन के साथ शुरुआत करना चाहते हैं, विदेश में है वीजा संबंधी समस्या सता रही है। 1 जनवरी से 5 अप्रैल तक का समय आपके लिए प्रभावित करने वाली स्थितियां ला सकता है। यहां से समाधान मौजूद रहने वाले होंगे। कोर्ट-कचहरी संबंधित मामलात लम्बे समय से आपको परेशान कर रहे थे, शुरुआत में परेशानी थोड़ी सी बढ़ेगी और उसके बाद में समाधान की स्थितियां भी साथ चलने वाली होगी। ये भी विजय की स्थितियां हैं।
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