दिसम्बर माह का राशिफल : कर्क राशि के जातकों के लिए

कर्क राशि के जातकों के लिए दिसम्बर माह का राशिफल किस तरह की गतिविधियां लेकर आ रहा है, इसका एक विवेचन ग्रह गोचरीय व्यवस्थाओं का अध्ययन तथा साथ ही प्रत्येक क्षेत्र में जुड़ी हुई चर्चाओं का विश्लेषण बारह ही भावों के माध्यम से जानने का प्रयास करते चले जाएंगे। चन्द्रमा यहां राशि स्थान पर प्रतीकात्मक तौर            प दिखाया गया है। चन्द्र राशि के ऊपर राशिफल आधारित होता है।

पंचम भाव है यहां पर केतु की स्थितियां 23 दिसम्बर के साथ चल रही है। समसप्तक स्थितियों में राहू भी एकादश भाव में चलायमान है इसलिए कर्क राशि के जातकों के लिए पुण्यफलों के उदय का समय अंतराल भी है। पंचम भाव में आप देखें शुक्र की जो स्थितियां वो 11 दिसम्बर से प्रवेश करने वालीी होगी। उसके पहले शुक्र यहां मालाव्य योग निर्मित कर रहे हैं। पंचम में आ जाएंगे तो स्थितियां बिलकुल परिवर्तित हो जाएगी। चतुर्थ भाव और वहीं एकादश भाव के आधिपति पंचम में रहेंगे। बुध की स्थितियां 17 दिसम्बर तक यहां पंचम भाव में रहेगी। उसके बाद धनु राशि स्थान में प्रवेश कर जाएगी। सूर्य देव 15 दिसम्बर के बाद से धनु राशि में रहेंगे। उसके पहले वृश्चिक में गमन करने वाले होंगे। देव  गुरु वृहस्पति और शनि देव ही सप्तम भाव के भीतर चल रहे हैं। देव गुरु जहां नीचस्थ स्थितियों में है तो शनि देव स्वराशि स्थान पर है। वहीं मंगल 24 दिसम्बर तक मीन राशि में ही चलने वाले होंगे। कर्क राशि के लिए योगकारक स्थितियों को निर्मित करने वाले ग्रह जब भाग्य भाव में हों, एक तरह से कर्मेश और आजीविका के भाव के आधिपति जब भाग्य भाव में हो तो इसे भी सुखद संयोग कहा जाता है।

प्रथम भाव- देव गुरु वृहस्पति अपने उच्च राशि स्थान को देख रहे हैं जो आत्मविश्वास ज्ञान के आधार पर हो, एक तो स्थिति के अनुसार चलता हुआ आत्मविश्वास को दर्शाता हो वहां हो सकता है गफलत हो, किन्तु जब ज्ञान का बेस है उसके आधार के ऊपर कोई भी बात रखते हैं वहां एक अलग चमत्कृत छवि व्यक्ति की होती है। और वही आपके लिए बनी रहेगी। नौकरी पेशा जीवन में लम्बे समय से आप चेंज का प्रयास कर रहे थे, किन्तु परिवर्तन सामने नहीं आ रहा था, ये समय समग्र स्तर के ऊपर आपके लिए ऐसे चेंजेंज लेकर आ सकता है। देव गुरु वृहस्पति की दृष्टि शनि देव की दृष्टि एक तरह से सप्तम और अष्टम भाव के आधिपति की दृष्टि कई बार व्यक्ति को आत्मविश्वास के साथ में आब्जर्वेशन की ताकत भी देती है। यह एक मिश्रित स्वरूप आपके सामने है। आपका प्रयास था लम्बे समय से परिवर्तन की ओर जाने का, जो शिक्षा हासिल की है उसके बेस पर चेंज मिले तो पंचम भाव के आधिपति है वो भी नवम भाव के भीतर हैं। और वृहस्पति के राशि स्थान में है। तो इसी वजह से आपको अपनी शिक्षा के बेस पर भी कुछ चेंजेंज यहां पर मिलते हुए नजर आते हैं। जीवन में संशय पनपे हुए थे, वो दूर हटते चले जाएंगे और आप एक झलक के साथ चलने वाले होंगे। व्यापारिक जीवन में कंस्ट्रक्शन संबंधी कामकाज के साथ जुड़ाव है, नए प्रोजेक्ट नहीं मिल पा रहे थे, आप आइल संबंधी फील्ड में थे, रोटेशन की पोजीशन्स नहीं बन पा रही थी, वहीं लोजेस्टिक, ट्रांसपोर्ट, एज्यूकेशन के साथ जो तकनीक जुड़ती है ऐसे सारे ही व्यापारिक क्षेत्र नए साधन उपलब्ध करवाते चले जाएंगे। विश्वास के साथ जब चलायमान रहेंगे तो वस्तुत: व्यापारिक जीवन में बड़े परिवर्तन लेकर आ सकते हैं। राहू वैसे भी पुण्य फलों का उदय कर रहे हैं। समग्र स्थितियां यहां प्रभाव डाल रही है, इसी वजह से ये समय आत्मविश्वास की झलक रोटेशन के अंदर वृद्धि वहीं दूरदर्शिता के साथ लिए जाने वाले निर्णय का भी एक आधार बनाकर चलने वाला रहेगा।

द्वितीय भाव- धन भाव के आधिपति शुरुआती 15 दिनों में यहां वृश्चिक राशि स्थान में रहेंगे तो आप 1 से 15 दिसम्बर, 2020 तक के समय में अपने लिए फाइनेंसियल बेस को अलग तरीके से देखने का कार्य कर सकते हैं। रोटेशन बढऩा चाहिए देव गुरु वृहस्पति और शनि देव का प्रथम भाव से संबंधी और वहीं द्वितीय भाव के आधिपति का शुरुआती 15 दिनों में पंचम के साथ संबंध आपके लिए आकस्मिक धन लाभ की स्थितियों को भी लेकर आता है। वर्षों तक एक सिरे के साथ में मेहनत कर लेने के बाद में एक दिन ऐसा आता है जहां से व्यक्ति के लिए सारे ही आधार परिवर्तितत होकर रह जाते हैं। ऐसी झलक इन दिनों में दिखा रहा है। वक्ता संबंधित क्षेत्र विशेष के साथ में हस्तक्षेप रखते हैं तब भी आप ये समझकर चलियेगा कि वाणी, क्षमता और शिक्षा का आधार बना हुआ है ये आपके जीवन में एक नवीनता का द्योतक बनकर आ रहा है। कुटुम्बीजनों के साथ में 16 दिसम्बर से 31 दिसम्बर, 2020 तक का समय अंतराल में आप कोई भी बड़ा निर्णय लेने की ओर नहीं जाएं। वाणी संबंधित कामकाज है, शुरुआती एक पखवाड़े में कोई भी बड़ा निर्णय ले सकते हैं उसके बाद में दिसम्बर 2020 का अंतिम सिरा रहेगा वहां कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय कम्युनिकेशन से रिलेट करते फील्ड में आपको लेने से बचना चाहिए। प्रकाश संबंधी किसी भी कामकाज के साथ में जुड़ाव रखते हैं, सोलर संबंधी किसी कार्य क्षेत्र में हस्तक्षेप रहा है वहां पर भी फाइनेंसियल गेन यहां बने रहेंगे।

तृतीय भाव- यहां प्रभाव मिश्रित है। यदि आप फाइनेंस के साथ फील्ड में जॉब कर रहे हैं, व्यापार भी ऐसी ही फील्ड में चल रहा है तो शुरुआती 17 दिन भागदौड़ लेकर आएंगे, किन्तु परिणामों की अपेक्षित स्थितियां जीवन में निरन्तर तौर पर रखने वाले रहेंगे। तीतृयेश पंचम भाव के भीतर है इसी वजह से आपका पराक्रम एक अद्भुत छटा के साथ सामने आता है। शेयर मार्केट संबंधी कामकाज के साथ में जीवन का हस्तक्षेप रखकर चलने वाले होते हैं वहां पर ये समय प्रमुखता के साथ देखा जा सकता है। देव गुरु वृहस्पति नौवीं दृष्टि परिवर्तन का आधार लेकर आती है। बुध जब पराक्रम से पंचम की पोजीशन्स को लेकर चल रहे हों यानि की तृतीयेश पंचम के साथ हो उस समय कोई भी परिवर्तन की ओर जाते हैं आपको काम्प्रोमाइज नहीं करने पड़ते। ज्ञान का आधार किसी भी समझौते की ओर इशारा नहीं कर रहा है। महत्वकांक्षाओं पर नियंत्रण रखने की आवश्यकताएं है आपको। भाइयों और मित्रों के साथ में आप कोई भी कामकाज कर रहे हैं तो आपको ऐसा लगेगा कि जो मेरे कार्यशैली का स्तर है वो दूसरे लोगों का नहीं है। इस कम्पेरीजन से दूर रहें। अपने कामकाज में लोगों को साथ जोडऩे का प्रयास कीजियेगा। लीडरशिप का अर्थ यह नहीं है कि हम लोगों को इंस्ट्रक्शन के साथ चलें, हम लोगों को साथ लेकर कैसे चल सकते हैं, यह है लीडरशिप है। इस गुण-धर्म को जरूर साथ रखना चाहिए।

चतुर्थ भाव- 1 से 11 दिसम्बर, 2020 के मध्य शुक्र की स्थितियां यहां मालव्य योग को निर्मित कर रही होगी तो बारम्बार आप अपने लिए कुछ मेटेरियलस्टिक लग्जरी को खोजने वाले होंगे। वहीं से सुविधाओं की ओर जाता है। ये समय कुछ समय के लिए सुकून भी देता है। माता स्थान के साथ में आपका दुराव बना हुआ था, वहां फिर से जुडऩे का प्रयास जरूर कीजियेगा। चमक-दमक संबंधी किसी भी कार्य क्षेत्र में आपका हस्तक्षेप है यहां पर टैक्सटाइल हो गया, फैशन टेक्नोलाजी का फील्ड, फूड इंडस्ट्री के साथ चलते कामकाज ये सारे ही क्षेत्र विशेष वहां एक प्रमुख आधार देने वाले हो जाते हैं। लग्जरी के कामकाज में संलग्न है तो ये समय आपको बढ़ोतरी के पूरे-पूरे इशारा कर रहा है। 1 से 11 दिसम्बर के मध्य बड़े निर्णय लिए जा सकते हैं। मानसिक सुख में कमी जरूर रहेगी। लोगों से जीवन का कम्पेरीजन करने से बचना चाहिए। चतुर्थेश पंचम भाव में प्रवेश कर जाएंगे तो यहां आपके लिए आकस्मिक धन लाभ की स्थितियां है वो शेयर  मार्केट संबंधित क्षेत्र से बनाते नजर आते हैं। व्यक्ति अलग निवेश की ओर जाता हुआ भी देखा जाता है।

पंचम भाव- 24 दिनों के लिए नवम भाव में रहेंगे। नवम पंचम का संबंध भी रहेगा। एक त्रिकोण का आधिपति जब दूसरे त्रिकोण के साथ हो तथा योगकारक स्थितियों के साथ चलता हुआ हो तो उच्च शिक्षा और शुरुआती शिक्षा का बेस बहुत अच्छे से चमत्कृत व्यक्ति को सपोर्ट करने वाला होता है। तकनीकी शिक्षा में है, आप किसी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, फाइनेंस और मैनेजमेंट के फील्ड में एडवांस कोर्स की ओर जा रहे हैं या जॉब चल रही है उस जॉब के साथ में खुद को अपडेट करने के लिए शार्ट टर्म कोर्स के लिए अप्लाई करते हैं तब भी ये समय आपके लिए एक विशेष स्तर निर्मित करने वाला होगा। जॉब में एंटर नहीं हुए, शिक्षा पूर्ण की है, इस समय फिर से प्रयास कीजियेगा आपके लिए सक्रियता और मन की निराशाएं दूर हटती हुई नजर आएगी। 11 से 31 दिसम्बर के मध्य शेयर मार्केट संबंधी कामकाज है वहां वृद्धि के एक आधार बने रहेंगे। 11 से 17 दिसम्बर, 2020 तक का समय ऐसा भी है, जहां पर आप अपने लिए कुछ मेजर लेवल के इन्वेस्टमेंट की ओर जा सकते हैं। जब चतुर्थेश भूमि भाव के आधिपति यहां पंचम भाव में हो और भूमि के कारकाधिपति के अंदर हो यानि मंगल की राशि के भीतर हो तो आप इंटीरियर डिजाइनिंग फील्ड में बड़ा आधार देकर चल पाएंगे। संतान पक्ष की ओर से जुड़ाव ठीकठाक है। कम्युनिकेशन गेप नहीं पनपने दे। पारिवाविक वृद्धि की ओर अग्रसर परिवार को यात्राएं टालनी चाहिए, विशेष कर 17 दिसम्बर, 2020 तक तो विशेष ख्याल रखें।

छठा भाव- द्वितीयेश की स्थितियां वह छठे हाउस में रहेगी। 15 दिसम्बर के बाद धनु राशि में प्रवेश होगा आप अस्थि जनित विकारों से सावधान रहियेगा। त्वचा जनित रोग सताने वाले होतेे हैं उनसे भी आपको बहुत अच्छे से संभलकर चलने की आवश्यकताएं रहेगी। 17 दिसम्बर के बाद बुध छठे हाउस में प्रवेश कर जाएंगे तो स्वास्थ्य संबंधित दिक्कतें आ सकती है। खान-पान को आब्जर्व करने के साथ ही प्रोपर बेस की दवाओं के साथ चलने वाले रहें। जितनी सूर्य उपासना को जीवन का आधार बनाकर चलते हैं उतना ही आपके लिए बेहतर है। 17 से 31 दिसम्बर, 2020 के मध्य चलेगा ऋण संबंधी स्थितियों से आपको काफी हद तक निजात दिलवाने वाला हो सकता है। किसी भी नए ऋण की ओर जाना चाहते हैं, तब ये ध्यान रखियेगा कि हमारे पास गणनाओं का आधार क्या है उसी आधार पर चलते हैं तो ज्यादा अच्छा है। स्पष्ट हों वहीं ऋण लेने की ओर जाएं, स्पष्ट हों वहीं किसी की मदद करने की ओर जाएं। जहां ऋण का नाम आता है तो मूल मंत्र ध्यान रखियेगा। वहीं शत्रु हावी नहीं हो पाएंगे। शुरुआती 15 दिनों में शत्रु थोड़े डराएंगे जरूर लेकिन हावी नहीं होने वाले। सूर्य देव जब यहां प्रवेश कर जाएंगे तो कर्म की आभा वैसी नकारात्मकता को दूर करती चली जाती है।

सप्तम भाव- शनि देव शश योग का निर्माण कर रहे हैं। देव गुरु वृहस्पति साथ में है। व्यापारिक जीवन के अंदर आप एक अलग तरीके के विश्वास के साथ चलते हैं। हालांकि आप इसे एक नकारात्मक दृष्टि से देखते हैं तो देव गुरु वृहस्पति नीचस्थ है, किन्तु शनि देव की स्वराशि और वहीं समगत स्थितियों के भीतर चल रहे हैं, एक तरह से षष्टेश जो है और भाग्येश है हालांकि भाग्येश की सप्तम में स्थितियां कमजोर हो जाती है किन्तु फिर व्यापार में स्थायित्व मिलता है। शनि देव की पोजीशन्स आपको ज्यादा स्टेबल करने वाली होती है। बड़े निर्णय लिए जा सकते हैं। फाइनेंसियल स्थितियां क्लियर रहने वाली रहेगी। गृहस्थ जीवन में थोड़ी सी दुविधाएं आ सकती है। 17, 18 और 19 दिसम्बर का समय अंतराल वहां गृहस्थ की ओर से अधिक संभलकर चलने की आवश्यकता है। मनमुटाव सामने आता है, आप प्रयास कीजियेगा हम समझौतों की ओर बढ़े, झुक जाएं, रिश्ते अक्षुण्ण रहने आवश्यक है।

अष्टम भाव- व्यापार में सपोर्टिव स्थितियां नहीं है। कई बार निर्णय गफलत में लेते हैं या भाग्य के भरोसे निर्णय को छोड़ देते हैं जहां सारी गतिविधियां अज्ञात है वहां थोड़ी परेशानी मिल सकती है। रिसर्च एनेलेसिस के कामकाज में कहीं-न-कहीं आपके लिए शैटबैक परेशान करने वाले होंगे। मैटल संबंधी कार्य क्षेत्र में जितनी रफ्तार बढ़ाकर चलते हैं उतने ही बेहतर परिणाम लेकर आने वाले रहेंगे। विदेश संबंधित कामकाज में थोड़ी सी परेशानियां आ सकती है। उस लिहाजा आप संभलकर चलने वाले रहें।

नवम भाव- दशमेश नवम भाव के भीतर है। आध्यात्मिक चिंतन तीव्र हो जाता है वो भी परिणामों की अपेक्षा करने लगता है। भाग्य के भरोसे बैठने वाले होते हैं, आपके भीतर का ज्ञान बारम्बार ये कहता है कि ये समय भाग्य के भरोसे बैठने का नहीं है, कर्म करने का है, यही प्रस्फुटन निरन्तर बना रहेगा। अनुभव का पूरा सपोर्ट मिल रहा है। तकनीक क्षेत्र में उच्च शिक्षा की ओर आप चल रहे हैं तब भी इस समय को बेहद शानदार मानकर चलियेगा। भूमि संबंधित कामकाज में जहां भाग्य और कर्म दोनों की आवश्यकता है। मंगल की आठवीं दृष्टि यहां चतुर्थ भाव को सपोर्ट करने वाली रहेगी।

दशम भाव- कर्म की प्रखरता आपके लिए पूर्णकालिक तौर पर मौजूद रहने वाली है। वर्किंग एक्सपरटीज बढ़ती चली जाएगी। शुरुआती 11 दिनों के लिए जब शुक्र यहां तुला राशि स्थान में रहेंगे, सातवीं दृष्टि से दशम भाव को देखने वाले होंगे तो कर्म में मैनेजमेंट की जो एक एप्रोच होती है, लोगों को किस तरह से कामकाज में जोडऩा है, उनकी वर्किंग एक्सपरटीज किस तरह से यूटिलाइज करना है ये सारे ही आधार बने रहेंगे। इच्छाशक्ति का अभाव दूर-दूर तक भी नहीं है। पिता के साथ किसी भी कामकाज में चल रहे हैं। आपकी जिम्मेदारी बढ़ती है तो वहीं से आप अपनी स्वीकारोक्ति को बढ़ाते हैं। सम्मान मिलने के आधार पनपते चले जाएंगे। नौकरी पेशा जीवन के अंदर आप चलते हुए निर्बाध गति पाने वाले रहेंगे। व्यापारिक जीवन में भी आप कुछ नया जोडऩा चाहते हैं ये समय सम्यक तौर पर  आपके लिए ठीक कहा जा सकता है।

एकादश भाव- यहां पुण्य फलों के उदय की स्थिति है। एकादशेश स्वयं है वो पंचम भाव के भीतर है तो इसी वजह से जो धन लाभ होता है उसको सहेजने की इच्छाशक्ति बहुत अच्छे से मौजूद रहती है। कोर्ट कचहरी संबंधित मामलात चल रहे थे, द्वादश और एकादश की स्थितियों को जोड़कर बात करता हूं तो आपके पक्ष में फैसले आने की उम्मीद रहती है। एकादश भाव के साथ में प्रमुख स्थिति यह भी जुड़ी हुई है कि आपको ऐसे संकेत मिलेंगे उन संकेतों के आधार पर और किसी रास्ते चलना शुरू कर देते हैं वहां सफलता आपके साथ होगी। नौकरी में व्यापार की ओर आना का सोचा नहीं, लेकिन राहू की स्थितियां राशि स्थान के साथ 23 दिसम्बर, 2020 के बाद होने से यही प्रमुख आधार दिखा रही है। उसको स्वीकार करके चलना यहां का सबसे प्रमुख प्रायोजन आपके लिए रहेगा।

द्वादश भाव- 17 दिसम्बर के बाद से खर्चों को बढ़ाने वाली स्थितियां रहेगी। अनर्गल खर्चे नहीं निकल आएंगे इसलिए चिंतित नहीं हो। निवेश की ओर जाने वाले रह सकते हैं। विदेश संबंधित कामकाज में ठीकठाक स्थितियां है बहुत ज्यादा सपोर्टिव स्थिति नहीं कही जा सकती है।

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