दिसम्बर महीने का राशिफल मिथुन राशि के जातकों के लिए

मिथुन राशि के जातकों के लिए दिसम्बर माह किस तरह की गतिविधियां लेकर आ रहा है, इसका एक विवेचन ग्रह गोचरीय व्यवस्थाओं का अध्ययन तथा साथ ही प्रत्येक क्षेत्र में जुड़ी हुई चर्चाओं का विश्लेषण बारह ही भावों के माध्यम से जानने का प्रयास करते चले जाएंगे।

प्रथमत: चन्द्रमा प्रतीकात्मक तौर पर राशि स्थान पर विराजित करके दिखाए गए हैं। इसके पीछे मंतव्य है कि हमारे द्वारा प्रस्तुत मासिक राशिफल आपकी चन्द्र राशि के ऊपर आधारित है। छठ हाउस में आप देखेंगे कि 17 दिसम्बर तक बुध की स्थितियां रहने वाली है उसके बाद में सूर्य बुध का बुद्धादित्य योग सप्तम भाव में बन जाएगा। केतु की स्थितियां सप्त भाव में तथा राहू द्वादश भाव में चलायमान है। 11 दिसम्बर के बाद शुक्र वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। पंचम से निकले, स्वराशि से निकले और षष्ट भाव में प्रवेश कर जाएंगे। 15 दिसम्बर एक ऐसा समय रहेगा जहां पर प्रथम प्रकाश ग्रह आदित्य सप्तम भाव में चलायमान होंगे। एक तरह से तृतीय भाव पराक्रम भाव के अधिपति सप्तम हाउस में रहेंगे। वहीं आठवें हाउस में 20 नवम्बर के बाद से ही देव गुरु वृहस्पति और शनि देव युतिसंगत स्थितियों में आ चुके हैं। देव गुरु वृहस्पति नीचस्थ स्थितियों में है, किन्तु सप्तम भाव और कर्म भाव के आधिपति स्वराशि भाव के आधिपति शनि देव के साथ में है तो इसी वजह से यहां जो परिवर्तिन सामने आ रहे हैं, भले ही रिसर्च हो, विदेश संबंधित गतिविधियां हो, मैटल संबंधी कामकाज हो, वाणी संबंधित क्षेत्र विशेष हो वृहद प्रभाव इन दोनों ही ग्रहों का यहां पर नजर आएगा। वहीं दशम हाउस में मंगल चलायमान है। 24 दिसम्बर, 2020 तक एक तरह से लाभ भाव और वहीं षष्ट भाव के आधिपति कर्म भाव में चल रहे हैं और राशि भाव को अपनी चौथी दृष्टि से पूर्णरूपेण ऊर्जा भी दे रहे हैं।

प्रथम भाव- राशि भाव के आधिपति षष्ट भाव के भीतर रहेंगे। मंगल का दृष्टि निक्षेपण भी रहेगा। सूर्य देव भी यहां राशि भाव को पूरे तरीके से वृद्धि दे रहे हैं तो इसी वजह से 1 से 17 दिसम्बर तक के मध्य अंतराल में व्यापारिक जीवन में आप ऋण संबंधी किसी भी समाधान की ओर जाना चाहते हैं। व्यापार में कर्ज की स्थितियां आ गई। फाइनेंसियल बर्डन बढ़ गए कि इससे बाहर नहीं निकल पा रहे हैं तो भले ही राशि भाव के आधिपति शुरुआती 17 दिनों में षष्ट भाव में रहेंगे किन्तु जो मंगल का राशि स्थान है और जो एक तरह काम्बिनेशन बना हुआ है, आपके लिए ऋण संबंधी गतिविधियों में त्वरित गति के साथ समाधान लाने का कार्य भी कर सकता है। नौकरी पेशा जीवन में 15 दिसम्बर से 31 दिसम्बर, 2020 के मध्य अंतराल में आप किसी भी साक्षात्कार की ओर इंटरव्यू की ओर जाना चाहते हैं। लम्बे समय से एक ही कंपनी में चल रहे थे, अब परिवर्तन की आशा और अपेक्षा पूर्णतया मन में समाई हुई है तो ये दो कार्मिक कंट्रोल ग्रह है, यानि की सूर्य देव और मंगल की स्थितियां राशि भाव को सपोर्ट करेगी उसमें भी आप यदि 15 दिसम्बर से 24 दिसम्बर, 2020 तक की बात करते हैं जहां अनुशासन से संबंधित कार्य क्षेत्र हो, जहां पर व्यक्ति अपने प्रखर ओज के साथ में चलता हो, जहां अनुभव पहले हो और उसके बाद में आपकी शिक्षा की स्थितियां सामने आती हो, ऐसे सारे ही कार्य क्षेत्रों के अंदर परिवर्तन की नितांत आवश्यकता के साथ चल रहे हैं, संभावित तौर के ऊपर आप फाइनेंसियल गेन के साथ उस परिवर्तन को जीवन में महसूस कर पाएंगे। मंगल की चौथी दृष्टि राशि भाव को सपोर्ट दे रही है इसी वजह से कम्युनिकेशन का बेस, उसमें ऊर्जा वहीं पर आपने जो खुद को अपडेट किया है किसी शार्ट टर्म कोर्स के साथ में वह सब कुछ आपके लिए प्रभावी तौर पर नव चेतना देने वाला रहेगा।

द्वितीय भाव- देव गुरु वृहस्पति भले ही नीचस्थ हों, किन्तु जो इनकी सातवीं दृष्टि है वो वाणी भाव पर होगी। इसी वजह से आपकी वाणी एक अलग स्पंदन प्राप्त करने वाली होगी। आपकी वाणी के भीतर एक प्रखर तेज की स्थितियां भी रहेगी। निर्णायक मौकों के ऊपर सब कांसियस एप्रोच के साथ में सीखा है वहां पर ऑब्जरवेशन  का बेस बना हुआ है वह सपोर्टिव फ्रेम लाने वाला रहेगा। मार्केटिंग, पब्लिक रिलेशन, वक्ता की श्रेणी में आते हैं, आध्यात्मिक चिंतन है और उसके साथ में ही अपनी बातचीत को लोगों के सामने रखते हैं जहां भाव में आध्यात्म हो, जहां स्वभाव में मृदूभाषिता हो और वहीं पर प्रत्येक व्यक्ति से जुडऩे की उत्कृष्ट आकांक्षा हो वहां भले ही ढैय्या का अंतराल चल रहा हो व्यक्ति श्रेष्ठत स्थितियों को दे पाता है। इस महीने के अंतराल में शनि देव की स्थितियां द्वितीय भाव के साथ जुड़ी हुई है। नौवीं अमृतमयी देव गुरु वृहस्पति की चतुर्थ भाव को देख रही है वहीं से मानसिक सुख की झलक मिलती है। संघर्ष के भीतर जब सकारात्मकता की प्रतिध्वनि निकल कर आती है तो वहीं से जीवन अपने चरमोत्कर्ष को देख पाता है। कुटुम्बीजनों का सहयोग भी अच्छे स्तर पर सहयोग देने वाला होगा। फाइनेंसियल गेन यहां धीमी रफ्तार के साथ हो रहे हैं। जहां व्यक्ति बेस क्रियेट करता है वहां पूर्णतया अपने कार्य के बारे में सोचे, फाइनेंसियल गेन आगे अपने आपको मिलते चले जाते हैं। भावुक होकर निर्णय लेने से बचियेगा। लिक्विडिटी बेस क्रियेट करती है उसको कैसे सहेजा जा सकता है उसके बारे में भी विचारशील रहना होगा।

तृतीय भाव- पहले तृतीयेश षष्ट भाव के साथ चलायमान होंगे। इसी वजह से आपके पराक्रम में एक रुग्नता आ सकती है। निर्णायक मौकों के ऊपर जो आपका आत्मविश्वास है वो थोड़ी सी कमी में हो सकता है। इसलिए आदित्यम् हृदयम् स्रोत का श्रवण जरूर कीजियेगा। जो अनुभव हासिल किया है, बातचीत के अंदर उसकी झलक शुमार रहने वाली रहे। धैर्य की थोड़ी सी कमी हो सकती है शुरुआत में वहां पर भी वर्किंग एप्रोच को बहुत अच्छे से संभालकर चलाने की आवश्यकताएं रहेगी। भाइयों के साथ संबंधों में सुधार 15 दिसम्बर के बाद से है उसके पहले तक बहुत ज्यादा धैर्य रखने की दरकार है। प्रमोशन आदि की संभावनाएं होती है, वो भी एक्जिस्टिंग जॉब के अंदर, ये समझना होगा कि 1 से 15 दिसम्बर तक संभावनाएं कम, किन्तु 15 दिसम्बर से उन्नति की पूरी प्रगति की स्थितियां यहां पर नजर आती है।

चतुर्थ भाव- यदि आपके पास में ऐसी कोई भूमि है जिसके बेचान के साथ में ही आप अपने कर्ज का निस्तारण कर सकते हैं या खुद को एक इंस्टेंट फाइनेंसियल रिलीफ दे सकते हैं जो चतुर्थेश की स्थितियां है जब ये षष्ट भाव के साथ हो तो शुरुआती 17 दिनों के अंदर थोड़े से क्रोम्प्रोमाइज के साथ सौदे की ओर जाते हैं, खुद को मेजर लेवल की रिलीफ दे पाते हैं। जो पूंजी वहां से मिली है उसको व्यापारिक क्षेत्र में निवेश करना है, कुछ पैसा बचाना है जिससे भविष्य का आधार किया जा सके। महीने का दूसरा पखवाड़ा आपके लिए सपोर्टिव बेस क्रियेट करेगा। कमीशनिंग संबंधी कोई भी कामकाज है, ब्रोक्रेज संबंधी वर्किंग स्पेश, बैंकिंग इंडस्ट्री हो गई वहीं पर इंश्योरेंस के साथ जुड़े हुए महानुभाव हो गए जहां तकनीकी, कम्युनिकेशन, अपडेशन साथ ही साथ ही लोगों के साथ संवाद की आवश्यकता होती है ये चारों ही बेस आपके साथ क्रियेट हो तो आप चमत्कारी स्तर पर कार्य क्षेत्र में प्रभाव छोडऩे वाले रहेंगे। माता स्थान के साथ में जुड़ाव में थोड़ी सी कमी है। कामर्शियल व्हीकल संबंधी किसी भी कामकाज में आप अपना हस्तक्षेप बढ़ाना चाहते हैं वहां पर भी बड़े लेवल की सौदेबाजी से बचियेगा।

पंचम भाव- पंचमेश शुरुआती 11 दिनों के लिए यहां पंचम भाव में ही रहने वाले होंगे। इसी वजह से जो टैक्सटाइल से रिलेट करता कामकाज वहां आपके लिए वृद्धि के सरोकार है। संतान पक्ष को व्यापार में सम्मिलित करना चाहते हैं तब भी आप उस ओर जा सकते हैं। फैशन टेक्नोलॉजी की स्टडी के साथ जुड़े हुए हैं यहां पर भी सफलता के संभावित स्तर रहेंगे। शेयर मार्केट संबंधी किसी भी निवेश के साथ आप अपने जीवन को आगे बढ़ा रहे हैं तब भी बुध प्रधान राशि जातकों के लिए ये समय आकस्मिक धन लाभ की संभावनाओं को निर्मित करेगा। आपके द्वारा किए गए निवेश शुरुआती स्तर पर ही अच्छे बेनिफिट दे सकते हैं। जो भी महिलाएं फैमिली वे की ओर है उनको 11 से 31 दिसम्बर तक मध्य यात्रा टालनी चाहिए। व्यापारिक जीवन में क्षमताओं के आंकलन में गलती मत कीजियेगा। कोई व्यक्ति आपको उकसा रहा है, आपको वायदा करने के लिए मजबूर कर रहा है, आप एक तरह से गफलत में फंसते जा रहे हैं तो अंततोगत्वा मौखिक वायदा कर देते हैं, वहीं से मानसिक चिंताएं घर करने लगती है, उससे सावधान रहना होगा।

षष्ट भाव- षष्टेश की जो स्थितियां है वो यहां दशम भाव के भीतर बनी रहेगी। शुरुआती 24 दिनों के लिए आपका कर्म कर्ज संबंधी समस्याओं से लगातार मुक्ति का आधार बना रहा है और वहीं पर इस बात को भी ध्यान रखें कि जो एक्सपोर्ट संबंधी कामकाज के साथ में अभी तक रुकावटें आ रही थी, अब वह भी दूर होगी। स्वास्थ्य के अंदर रक्त संबंधी विकार, त्वचा जनित रोग से भी सावधान रहना होगा। शत्रु परेशान कर रहे थे, आप इंस्टेंट रिएक्शन के साथ और अधिक हावी होने का मौका नहीं दें। सहयोगी है, बारम्बार छोटी छोटी बातों को पकड़ रहे हैं, और शिकायत की तरफ जा रहे हैं। व्यापारिक जीवन में काम्पीटीटर है, प्राइज में काम्पीटीसन की ओर चल रहे हैं, आपको उकसा रहे हैं, ऐसी प्रवृतियों की ओर जाने से बचें। मधुर मुस्कुराहट बनाकर रखियेगा।

सप्तम भाव- 15 दिसम्बर के बाद सूर्य देव की पोजीशन्स धनु राशि स्थान में रहेगी तो आप यह देखें कि जो यहां व्यापारिक जीवन के अंदर प्रखर तेज के साथ में चलना होता है जो कोई निर्णय महत्वपूर्ण तौर के ऊपर लेना है उस ओर आप जा सकते हैं। एक कामकाज कर रहे हैं, दूसरे कामकाज की शुरुआत करनी है तो आप ध्यान रखें कि 15 दिसम्बर के पहले उसकी शुरुआत कर दें, हल्के फुल्के तौर के ऊपर। उसी समय अंतराल के बाद से जो आगे के एक्ज्यूकेशन के प्रोसेस लेकर चलने हैं वहां पर भी एक गति को थामा जा सकता है। इनोवेशन की ओर जाने वाले महानुभाव भी कहीं थके नहीं, लगातार चलते चले जाएं। गृहस्थ के स्वास्थय का ख्याल रखना होगा। व्यापारिक जीवन में उन्नति एक बात है किन्तु घर परिवार के स्वास्थ्य का ख्याल रखना बहुत जरूरी बात है। सूर्य और बुध का बुद्धादित्य बन जाएगा 17 दिसम्बर के बाद व्यापारिक जीवन में अपने निर्णय के अंदर नयापन प्राप्त करेंगे जो लोगों को भी प्रभावित करने वाला होगा। व्यापारिक साझेदारियों में शुरुआती समय अंतराल में बहुत ज्यादा धैर्य रखकर चलियेगा। किसी बिजनस को अलग करना है तो भी धीमापन रखें।

अष्टम भाव- आप किसी इंटरव्यू की ओर जा रहे हैं। आप पूरे दिन कामकाज के साथ रहते हैं, जिस जॉब में है, पूरी थकावट हो चुकी होती है, आपका पांच बजे इंटरव्यू है, चेहरे पर थकावट है, तरावट नहीं है तो ऐसी स्थितियां आपकी अनुकूलता की जगह प्रतिकूलता को दिखाने वाली हो जाती है, ऐसी स्थितियों से बचना होगा। अपने ज्ञान के ऊपर भरोसा करें, किन्तु अति आत्मविश्वास से बचें। विदेश संबंधित कामकाज में एक कदम आगे बढ़ चुका है, यहां पीछे लगकर रहना होगा, कहीं पर भी इग्नोरेंस को डवलप नहीं करें। मैटल संबंधी कामकाज में भी ये समय वृद्धि के संपूर्ण सरोकार लेकर आएगा। कंस्ट्रक्शन संबंधी गतिविधियों में औचक रूप से कुछ कामकाज साथ में आ सकते हैं। रुपये-पैसे के अंदर काम्प्रोमाइज नहीं करें अपनी रफ्तार को बनाकर रखियेगा। ढैय्या का प्रभाव अब एक तरह से मध्यम दर्जे की ओर आने लगेगा। बारम्बार कामकाज में जो रुकावटें आपके सामने आ रही थी, वहां पर भी कहीं-न-कहीं सहूलियत आएगी। शनि देव की तीसरी दृष्टि कर्म भाव के साथ में आलस्य फैला रही थी, वहां पर भी मंगल का होना आपके लिए भागदौड़े के सिरों को अंकित करता चला जाएगा।

नवम भाव- नवमेश स्वयं से द्वादश होकर अष्टम के भीतर है इसी वजह से भाग्य का सहयोग उस स्तर पर नहीं है। तत्काल परिवर्तन गेम चेंजिंग मूवमेंट रहेगा। आध्यात्मिक चिंतन एकांत की ओर इशारा कर रहा है। कई बार व्यक्ति अपने अनुभवों को साझा करता है, किन्तु वो एक तरह से पूर्णकालिक तौर पर परिपक्व अनुभव नहीं होते उनको परिवर्तन के साथ में लेकर चलना है। अभी तक मन के भीतर और मंथन होने दीजिये फिर लोगों के सामने उन विचारों को जरूर रखियेगा। अनुभव आपका एक श्रेणीबद्ध तरीके से स्वागत करने वाले हैं। आपको यह मालूम होगा कि आज निराशा है, पहले भी निराशाएं आई थी, कोई चिंता वाली बात नहीं है बाहर निकल जाएंगे ये अनुभव की सिद्ध स्थितियां है।

दशम भाव- मंगल इच्छाशक्ति को जाग्रत करके रखेंगे। जो शिक्षा हासिल की है वो पूरी तरीके से रिफलेक्शन के तौर पर आपके साथ चलकर सपोर्ट करने वाली होगी। भूमि संबंधित और एग्रीकल्चर के कामकाज में वृद्धि के संकेत बने हुए हैं। पिता के साथ कामकाज में धैर्य रखने की पूरी-पूरी आवश्कताएं बनी हुई है।

एकादश भाव- लाभ और कर्म पूर्णकालिक तौर पर साथ में जुड़ा रहेगा। इसका बड़ा बेनिफिक मिलने वाला रहेगा। थककर हार मानने वाले नहीं है। सर्वांगीण लाभ का उदयक्रम यहां निकलकर आएगा। संतान पक्ष को व्यापार में जोडऩे के लिहाजा ये समय अत्यधिक तौर पर महत्वपूर्ण कहा जा सकता है। कहीं पर भी जोखिम शुमार हो और आप लम्बे समय के लिए निर्णय लेने वाले हों वहां पर आप रुकयिेगा नहीं, निर्णय जरूर सामने रखकर चलियेगा।

द्वादश भाव- अज्ञात भय साथ में चलेगा। मालूम है कि ये कार्य इस तरह से पूर्ण होने वाला है, किन्तु फिर भी अज्ञात भय के साथ में है। ऐसे संशय से दूर रहना आवश्यक है। शिव उपासना और आराधना के साथ में लगातार चलें। विदेश संबंधी कार्य जो सिस्टेमिट एप्रोच में पूर्ण हो रहा है, कोई कहता है कि ये रास्ता गलत है, आपको मालूम है यहां मैं 99 प्रतिशत तक सफलता एचीव कर चुका हूं, कोई व्यक्ति वहां से आपको उलट रास्ते की ओर नहीं लेकर चला जाए ये  मन के गति को थामने की आवश्यकता है। कोर्ट कचहरी संबंधित मामलात के अंदर थोड़ी सी दिक्कत दुविधाएं सामने आ सकती है। उनसे भी सावधान रहना होगा।

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